Tehri Garhwal: भालू और गश्ती टीम के बीच भिड़ंत, दस मिनट तक हुआ संघर्ष, वन दरोगा के साहस से बची दो जिंदगियां
भालू और गश्ती टीम के बीच 10 मिनट तक संघर्ष हुआ। इस दौरान वन दरोगा के साहस से दो जिंदगियां बच गई।
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थौलधार ब्लॉक के सुल्याधार क्षेत्र में करीब 10 मिनट तक भालू और गश्ती टीम के बीच चली भिड़ंत में वन दरोगा अजयपाल पंवार के साहस से दो जिंदगियां बच गईं। भालू की सूचना मिलने पर वन दरोगा अजयपाल पंवार, बेरगणी गांव के प्रधान युद्धवीर सिंह, ग्रामीण विनोद रावत और वन बीट अधिकारी प्रवीन रावत सुल्याधार के थापली तोक में पहुंचे।
उनके साथ 10-12 ग्रामीण भी थे। अजयपाल और विनोद रावत जैसे ही खाले की ओर बढ़े, तभी झाड़ियों के बीच से निकले भालू ने सीधे ग्राम प्रधान युद्धवीर सिंह के पैर जबड़ों में जकड़ लिया। वह किसी तरह छिटककर भागे तो भालू विनोद रावत पर झपट पड़ा। सिर पर वार से वह नीचे गिर गए। इससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
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ऐसे में वन दरोगा अजयपाल ने जान की परवाह किए बिना बरछा भालू के मुंह में घुसा दिया और लगातार डंडे से वार शुरू कर दिए। इससे भालू विचलित हुआ और जंगल की ओर भाग गया। इस संघर्ष में विनोद रावत घायल हो गए, जबकि वन दरोगा की कमर में चोट आई है। स्थानीय निवासी अतर सिंह तोमर, जिला पंचायत सदस्य शीशपाल सिंह राणा का कहना है कि अगर वन दरोगा पंवार उस वक्त हिम्मत नहीं दिखाते, तो यह घटना बड़े हादसे में बदल सकती थी।