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अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ: समारोह में पहुंचे राज्यपाल, बोले- अत्याधुनिक तकनीकी को आत्मसात करें ज्योतिषाचार्य
अमर उजाला न्यूज डेस्क, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sun, 25 Jan 2026 05:07 PM IST
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सार
अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ के दूसरे दिन आज समापन पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) शामिल हुए।
ज्योतिष महाकुंभ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आठवें अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ के समापन समारोह में पहुंचे राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि सभी ज्योतिषी सच्चे साइंटिस्ट हैं। उन्हें एआई, क्वांटम, मेटा वर्ल्ड जैसी अत्याधुनिक तकनीकी को आत्मसात करना होगा। जिससे ज्योतिष विद्या का परचम पूरे विश्व में लहराएगा।
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रविवार को ग्राफिक एरा विवि में ज्योतिष महाकुंभ के समापन समारोह का शुभारंभ करते हुए राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत और कंप्यूटर की भाषा में कोई अंतर नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस की ओर बढ़ेगा, जो कि भविष्य में कॉस्मिक इंटेलिजेंस का रूप लेगा। उन्होंने कहा कि आने वाला समय भारत का है। लिहाजा, ज्योतिषाचार्यों को भी इन अत्याधुनिक एआई जैसी तकनीकों को आत्मसात करना होगा।
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राज्यपाल ने कहा, जैसे टीवी आने के बाद सिनेमा को एक और जन्म मिला था वैसे ही एआई हमारी ज्योतिष विद्या को एक और जन्म देने वाला है। आपने जो यहां इस मंथन में सीखा, उसे पूरी मानवता से साझा कीजिए। उन्होंने कहा कि क्वांटम सोच के गुरु हनुमान थे, जिन्होंने पूरा पर्वत ही उठा लिया। हनुमान का आत्मविश्वास ऐसा था कि छाती फाड़ कर अपने मेटा वर्ल्ड के भीतर प्रभु सीता-राम दिखा दिए। हमें शिखर पर पहुंचने के लिए अपनी क्वांटम सोच को बदलना होगा। उन्होंने ज्योतिषाचार्यों से आह्वान किया कि नौ ग्रह, 12 राशियां, 27 नक्षत्र का जो भी संगम है, उससे आने वाले को प्रोत्साहित करें कि वो हनुमान जी का रूप धारण करे।
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राज्यपाल ने कहा कि उन्हें लगता है मुगलों और अंग्रेजों के समय में ज्योतिष को दबाने की कोशिश हुई थी लेकिन अब तो हम आजाद हैं। कुछ लोग हैं जो प्रोपेगेंडा करते हैं, उन्हें नियंत्रित करना होगा। आपकी संगत में जो आता है, उसे सही दिशा दिखानी है। राज्यपाल ने ज्योतिषियों को सलाह दी कि वे इस ज्ञान को जिज्ञासा या भय नहीं बल्कि आत्मचिंतन और दिशा निर्धारण का माध्यम बनाएं। इस अवसर पर ग्राफिक एरा समूह के अध्यक्ष प्रो. डॉ.कमल घनशाला, पंडित केए दुबे पद्मेश, पंडित लेखराज, पंडित सतीश शर्मा, पंडित अजय भांबी, पंडित लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, डॉ.कविता चैतन्य, डॉ.संदीप भार्गव, पंडित खींवराज, पंडित संतोष खंडूरी, शास्त्री रावल ज्योति प्रसाद उनियाल, डॉ.सीपी घिल्डियाल मौजूद रहे। मंच का संचालन ग्राफिक एरा के डॉ.एमपी सिंह ने किया। कार्यक्रम से पहले दूसरे दिन भी ज्योतिषाचार्यों ने महाकुंभ में आए लोगों को निशुल्क ज्योतिषीय परामर्श दिया।2026 का अंक योग नए युग का
राज्यपाल ने कहा कि 2026 के सभी अंकों को मिलाएं तो 10 आता है। 10 यानी एक नंबर, जो प्रभु का है। यह सृष्टि की शुरुआत का अंक है। यह नई सोच, नए युग का अंक है। इसने नए युग को जन्म दिया है। देश की आजादी के 100 साल पूरे होने में अब बस 21 साल बाकी हैं। भारत ने 21 परमवीर चक्र दिए हैं। यह संयोग बताते हैं कि हमको विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
पंडित रामलखन गैरोला को उत्तराखंड रत्न सम्मान
राज्यपाल ने पंडित रामलखन गैरोला को इस वर्ष के उत्तराखंड रत्न सम्मान से नवाजा। ज्योतिष विज्ञान के क्षेत्र में अपनी विद्वत्ता, गहन अध्ययन और दशकों के अनुभव से विशिष्ट पहचान बनाने वाले आचार्य रामलखन गैरोला अपनी सटीक, विवेकपूर्ण और विश्वसनीय ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। ज्योतिष विद्या का यह अमूल्य ज्ञान उनको अपने पूर्वजों की समृद्ध परंपरा और गुरुओं के मार्गदर्शन से मिला है।
इन्हें भी किया गया सम्मानित
युवा ज्योतिषी का पुरस्कार
- आचार्य मदन मोहन थपलियाल
- आचार्य शुभि गुप्ता
- आचार्य राशि चंदोला आनंद
- पंडित विजय जगूड़ी
- आचार्य गौरा छाबड़ा
जन ज्योति सम्मान
- आचार्य पीपीएस राणा
- आचार्य सीमा कौशिक भाटिया

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