देहरादून। विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) के कैडेट्स ने भारतीय सेना की प्रतिष्ठित जोरावर साइकिल रैली में हिस्सा लिया। रैली के जरिए कैडेट्स ने साहस, धैर्य, अनुशासन और टीमवर्क का संदेश दिया।यह दल पिथौरागढ़ जिले के दुर्गम हिमालयी मार्गों से होते हुए गुंजी से शुरू होकर बर्फ से ढके रास्तों, खड़ी पहाड़ी सड़कों, उच्च हिमालयी दर्रों और विपरीत मौसम परिस्थितियों को पार करते हुए लिपुलेख दर्रे के जरिए ओम पर्वत तक पहुंचा। करीब 750 किलोमीटर की इस कठिन यात्रा का समापन पिथौरागढ़ में हुआ, जहां उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने प्रतिभागियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने साहस, आत्मनिर्भरता, शारीरिक फिटनेस और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण के महत्व पर जोर दिया। आरआईएमसी के कमांडेंट कर्नल राहुल अग्रवाल ने कहा कि साइक्लिंग जैसे एडवेंचर गतिविधियां भावी सैन्य अधिकारियों में नेतृत्व क्षमता, दृढ़ता, टीम भावना और मानसिक मजबूती विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एडवेंचर कोऑर्डिनेटर संजय कुमार ने विश्व साइकिल दिवस के मौके पर युवाओं से साइक्लिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने इसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सतत परिवहन के लिए फायदे भी बताए।