फर्जी शस्त्र लाइसेंस ट्रांसफर केस: केंद्र में आया सात साल पुराना शाहजहांपुर गैंग, जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा
Dehradun News: पिछले साल एसटीएफ ने प्रेमनगर में रहने वाले एक युवक को लाइसेंसी शस्त्र के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि उसका लाइसेंस फर्जी है जिसे उसने हरियाणा के सिरसा में बनवाया और फिर मेरठ ट्रांसफर करा लिया। इसके बाद से इस मामले में जांच चल रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फर्जी शस्त्र लाइसेंस ट्रांसफर मामले में शाहजहांपुर के सात साल पुराने गैंग के सक्रिय होने की बात सामने आ रही है। वर्ष 2019 में गाजियाबाद पुलिस ने शाहजहांपुर के एक गैंग को पकड़ा था। उत्तराखंड में चल रही जांच में भी कई जिलों में शाहजहांपुर में बने लाइसेंस देहरादून समेत कई जिलों में ट्रांसफर होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में इसकी जांच में जल्द बड़ा खुलासा हो सकता है।
गौरतलब है कि पिछले साल एसटीएफ ने प्रेमनगर में रहने वाले एक युवक को लाइसेंसी शस्त्र के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि उसका लाइसेंस फर्जी है जिसे उसने हरियाणा के सिरसा में बनवाया और फिर मेरठ ट्रांसफर करा लिया। इसके बाद इस लाइसेंस को मेरठ से देहरादून में ट्रांसफर कराया।
एसटीएफ ने मामले की जांच की तो कुछ और प्रकरण सामने आए। इसके बाद एसटीएफ ने सभी जिलों से दूसरे राज्यों से ट्रांसफर होकर दर्ज हुए लाइसेंस का ब्योरा तलब किया। पिछले दिनों काशीपुर में भी तीन लोगों को पकड़ा गया। इसमें पता चला कि कुछ लाइसेंस पंजाब के अमृतसर और कुछ शाहजहांपुर में बनाए गए थे।
Karnaprayag: जिपलाइनिंग के दौरान हादसे का वीडियो वायरल, पुलिस ने बताया FAKE, अफवाह फैलाई तो होगी कार्रवाई
शाहजहांपुर का नाम सामने आने के बाद एसटीएफ की जांच की सुई सात साल पुराने गाजियाबाद पुलिस की कार्रवाई की तरफ घूम गई। वर्ष 2019 में गाजियाबाद पुलिस ने शाहजहांपुर के एक गांव के प्रधान और गन डीलर को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह में कुल पांच सदस्य शामिल थे।
जांच में पता चला था कि शाहजहांपुर में बड़े पैमाने पर ये फर्जी लाइसेंस बनवाए गए और फिर उन्हें गाजियाबाद ट्रांसफर किया गया। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शाहजहांपुर के इस पुराने गैंग की भी पड़ताल की जा रही है। गाजियाबाद और शाहजहांपुर पुलिस व प्रशासन के साथ संपर्क कर इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी। जल्द ही इसमें बड़ी कार्रवाई हो सकती है।