विकासनगर: जमीन धोखाधड़ी मामले में दो साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, फर्जी आधार से तैयार कराए थे कागजात
जमीन की धोखाधड़ी के मामले में विकासनगर पुलिस ने दो साल से फरार चल रहे आरोपी को सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन का फर्जी मुख्तारनामा तैयार कर उसे दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया था।
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जमीन धोखाधड़ी के मामले में विकासनगर पुलिस ने दो साल से फरार चल रहे आरोपी उदित कुमार वर्मा को सहारनपुर के मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने हरियाणा निवासी जमीन के असली मालिक अरुण कुमार की जगह खुद को पेश कर फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जमीन के कागज तैयार करवाए थे। पुलिस ने नेटग्रिड पोर्टल की मदद से आरोपी की पहचान की।
पुलिस के अनुसार, फरीदाबाद, हरियाणा निवासी अरुण कुमार ने 28 जून 2024 को कोतवाली विकासनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुबचन निवासी विकासनगर, मनुष निवासी ढकरानी, कमल सिंह निवासी बंशीपुर ढकरानी, चमन कुमार निवासी बाबूगढ़ विकासनगर और पूरण सिंह निवासी सदर बाजार सहारनपुर ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर उनकी जमीन के दस्तावेज तैयार किए और जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी। मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जमीन का फर्जी मालिक बनने के बदले मोटी रकम देने का दिया था लालच
जांच के दौरान जमीन के कागजों में अरुण कुमार के स्थान पर खुद को पेश करने वाला आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड में इस्तेमाल की गई तस्वीर को नेटग्रिड पोर्टल पर अपलोड किया। इससे मिली जानकारी और सत्यापन के आधार पर आरोपी की पहचान उदित कुमार वर्मा निवासी धोबी घाट, तोता चौक, सिवेन्द्र विहार कॉलोनी, थाना मंडी, सहारनपुर के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले सुनार का काम करता था और चांदी का सामान बेचने के लिए विकासनगर, सहसपुर और सेलाकुई आता-जाता था। इसी दौरान उसकी पहचान गुरुबचन सिंह उर्फ बब्बू सरदार से हुई। आरोप है कि गुरुबचन ने हरबर्टपुर में हरियाणा निवासी व्यक्ति के नाम दर्ज जमीन का फर्जी मालिक बनने के बदले मोटी रकम देने का लालच दिया था।
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आरोपी के अनुसार, इसके बाद गुरुबचन और उसके साथियों के साथ मिलकर जमीन के असली मालिक के नाम से फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए। आधार कार्ड में असली मालिक की जगह उदित ने अपनी तस्वीर लगाई।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2022 में जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। इसके आधार पर 18 जुलाई 2022 को गुरुबचन ने जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई और दाखिल-खारिज भी करवा लिया। जमीन पर कब्जे की कोशिश के दौरान असली मालिक को धोखाधड़ी की जानकारी हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।