Dehradun Rainfall: बारिश के बाद उफान पर नदियां; बह गई कई झोपड़ियां, सहस्त्रधारा में दिखे बाढ़ जैसे हालात
सहस्त्रधारा में बड़ी संख्या में आस-पास के ग्रामीण नदी किनारे झोपड़ी डालकर, लॉकर वगैरह और पूल बनाकर अपनी रोजी रोटी चलाते है। बारिश ने फिर कई झोपड़ियां बहा दी।
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चंद घंटों की बारिश से दून की नदियां मंगलवार को उफान पर आ गई। सहस्त्रधारा में जलस्तर बढ़ने की वजह से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। इस दौरान नदी किनारे झोपड़ी लगाने वाले कई लोगों की झोपड़ियां बह गई। समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर लोगों ने अपनी जान बचाई। उधर रिस्पना नदी में भी जबरदस्त जलस्तर बढ़ा दिखा।
सहस्त्रधारा के प्रधान राकेश के अनुसार, बड़ी संख्या में आस-पास के ग्रामीण नदी किनारे झोपड़ी डालकर, लॉकर वगैरह और पूल बनाकर अपनी रोजी रोटी चलाते है। पिछली बाढ़ ने सहस्त्रधारा को चोट पहुंचाई थी और मलबे में सबकुछ बह गया था। मंगलवार को जैसे ही बारिश आई कुछ ही देर में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। शुक्र रहा कि लोग नीचे से ऊपर आ गए। हालांकि इस दौरान कई दुकानदारों का सामान भी बह गया।
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रिस्पना नदी में भी यही हाल देखने को मिला। हालांकि पानी की वजह से आस-पास के लोगों को ज्यादा नुकसान हीं हुआ है लेकिन जब तक बारिश होती रही तब तक लोगों को बाढ़ की चिंता सताती रही।
अभी तक नहीं हटा मलबा, ना पानी के लिए बनाया रास्ता
मझाड़ा और गल्जवाडी में नदी में पिछली बार आई बाढ़ की वजह से नदी ने रास्ता बदल लिया था। मुख्य रास्ते में मलबा भरा हुआ था। इसको हटाने के लिए टेंडर भी किया गया था लेकिन अभी तक नदी के बहाव के लिए रास्ता नहीं बनाया गया। प्रधान राकेश ज्वाडी के अनुसार, इस बारे में कई बार प्रशासन को शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं शुरू हुई।