देहरादून: एसटीपीआई सेंटर शुरू, युवाओं को स्टार्टअप के लिए 24 घंटे सुविधा, 251 करोड़ का सॉफ्टवेयर निर्यात
उत्तराखंड में आईटी उद्योग और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के इन्क्यूबेशन सेंटर का शुभारंभ किया गया। इस सेंटर से युवाओं को अपना तकनीकी कारोबार शुरू करने, निवेशकों और विशेषज्ञों से जुड़ने तथा नई तकनीक से संबंधित सुविधाएं हासिल करने में मदद मिलेगी।
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उत्तराखंड में आईटी उद्योग और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए देहरादून में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के इन्क्यूबेशन सेंटर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, एसटीपीआई नोएडा की निदेशक वंदना, आईटी सचिव पंकज पांडेय और एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार मौजूद रहे।
एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि देहरादून में वर्ष 2006 में सेंटर बनाया गया था। अब यहां 30 हजार वर्ग फुट में नई बिल्डिंग तैयार की गई है। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को तकनीकी कारोबार शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि एसटीपीआई युवाओं को निवेशकों, विशेषज्ञों और नई तकनीक से जोड़ने में मदद करता है। इस सेंटर में आईटी क्षेत्र से जुड़े लोग चार से पांच लोगों की टीम के साथ भी अपना काम शुरू कर सकेंगे। युवाओं को यहां 24 घंटे सुविधाएं देने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप विकसित करने की भी योजना है।
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अरविंद कुमार के अनुसार, एसटीपीआई में पंजीकृत 14 इकाइयों ने उत्तराखंड से सॉफ्टवेयर का निर्यात किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से 251.32 करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात दर्ज किया गया। सेंटर का मुख्य उद्देश्य आईटी और आईटीईएस उद्योग, स्टार्टअप और एमएसएमई को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना और सॉफ्टवेयर निर्यात बढ़ाना है।
देहरादून में आईटी और स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर जोर, युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि देहरादून में एसटीपीआई सेंटर की शुरुआत उनके लिए खुशी की बात है। उनका छात्र जीवन उत्तराखंड में बीता है। उन्होंने पहले शेरवुड और फिर दून स्कूल में पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि इस सेंटर से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हैं, इसलिए यहां इस तरह की सुविधा विकसित होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
कृषि उत्पादन बढ़ा है
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में खेती का क्षेत्रफल करीब दो लाख हेक्टेयर कम हुआ है, लेकिन कृषि उत्पादन बढ़ा है। विकास के लिए जमीन का इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद उत्पादन में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आईटी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अलग नीति लेकर आई है। जब हैदराबाद और बंगलुरू आईटी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं, तो देहरादून भी इस दिशा में आगे बढ़ सकता है।
युवाओं को नई तकनीक सीखने और कारोबार के नए अवसर मिलेंगे
आईटी सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने कहा कि इस सेंटर से राज्य के युवाओं को नई तकनीक सीखने और कारोबार के नए अवसर मिलेंगे। सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप विकसित करने के लिए उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार के बीच एमओयू हुआ है। इसके लिए दोनों सरकारें मिलकर काम करेंगी।
एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य युवाओं के लिए ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां उन्हें निवेशकों, मेंटर्स और नई तकनीक से जुड़ने की सुविधा मिले। यहां आईटी क्षेत्र से जुड़े लोग चार-पांच लोगों की टीम के साथ भी अपना काम शुरू कर सकते हैं। सेंटर में युवाओं को 24 घंटे सुविधाएं देने की योजना है। उन्होंने कहा कि एसटीपीआई जल्द ही उत्तराखंड में स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम करेगा।
एसटीपीआई में पंजीकृत 14 इकाइयों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तराखंड से 251.32 करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात किया। इस सेंटर का उद्देश्य आईटी, आईटीईएस उद्योग, स्टार्टअप और एमएसएमई को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना और निर्यात बढ़ाना है।