फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Delhi blast Dehradun Digital Arrest Scam Elderly Man Duped 13 Lakh by Fraudsters Posing as NIA ATS Officers

Dehradun: आप लालकिला बम ब्लास्ट आरोपी के मददगार हैं'...बुजुर्ग को धमकाया, डिजिटल अरेस्ट कर ठगे fलिए 13 लाख

Wed, 05 Aug 2026 07:15 PM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Wed, 05 Aug 2026 07:15 PM IST
सार

देहरादून में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को एनआईए और एटीएस का अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग को लालकिला बम ब्लास्ट के आरोपी का मददगार होने का डर दिखाया और गिरफ्तारी की धमकी देकर 13 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है

विज्ञापन
Delhi blast Dehradun Digital Arrest Scam Elderly Man Duped 13 Lakh by Fraudsters Posing as NIA ATS Officers
डिजिटल अरेस्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देहरादून पटेलनगर क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग को लालकिला बम ब्लास्ट के आरोपी का मददगार बताकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 13 लाख रुपये की ठगी कर ली। खुद को एनआईए और एटीएस का अधिकारी बताने वाले ठगों ने कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पीड़ित से खाते में रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ित जगदीश सिंह उसराथान ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार गीता एन्क्लेव, मोहब्बेवाला निवासी जगदीश सिंह उसराथान के मोबाइल पर 30 जुलाई को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को वरिष्ठ जांच अधिकारी राजेंद्र सिंह त्रिपाठी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ पुणे में दर्ज एक मामले में जांच चल रही है और उनका नाम लालकिला बम ब्लास्ट के आरोपी डॉ. ताहिर की मदद करने वालों में सामने आया है।

विज्ञापन


इसके बाद पीड़ित को वीडियो कॉल पर रखा गया और खुद को एनआईए और एटीएस के अधिकारी संदीप राव बताने वाले अन्य लोगों से भी बात कराई गई।ठगों ने पीड़ित को सुप्रीम कोर्ट का गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति जब्ती के आदेश दिखाकर डराया तथा सहयोग करने पर मामला जल्द निपटाने का झांसा दिया। इसके बाद उन्होंने पीड़ित से अपने सभी बैंक खातों, एससीएसएस और एफडी को भुनाने के लिए कहा। डरे-सहमे पीड़ित ने निर्देशों का पालन करते हुए करीब 15 लाख रुपये की राशि एकत्र की।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायत के अनुसार इसमें से 13 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से एसके एंटरप्राइजेज के नाम पर कोटक महिंद्रा बैंक, चांदीवली (महाराष्ट्र) स्थित चालू खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। बाद में खुद के साथ ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पटेलनगर कोतवाली पहुंचकर शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर बैंक खातों, कॉल करने वाले मोबाइल नंबरों और लेनदेन के विवरण के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

साइबर ठगों से रहें सावधान... डिजिटल अरेस्ट का नहीं कोई प्रावधान

साइबर अपराधियों ने खुद को पुलिस, सीबीआई, कस्टम्स या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर फोन करना शुरू कर दिया है। ऐसे ठग लोगों को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर या झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश करते हैं। साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को आगाह किया है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी या जांच संस्था फोन या वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही जांच के नाम पर बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश देती है। ऐसे किसी भी कॉल पर घबराने के बजाय तुरंत कॉल काटें, संबंधित एजेंसी से सत्यापन करें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर फोन पर पैसे भेजने का दबाव बनाए, वीडियो कॉल पर निगरानी रखने या गिरफ्तारी की धमकी दे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे कॉल पर घबराने के बजाय कॉल काट दें और किसी भी स्थिति में अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

ये भी पढे़ं...कांवड़ यात्रा की अनोखी तस्वीरें: फौजी बेटे ने मां को कंधों पर बैठाया, किसी ने एक पैर से तय किया आस्था का सफर

छह माह बाद फिर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी

देहरादून। राजधानी में करीब छह माह बाद एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ताजा मामले में साइबर ठगों ने खुद को एनआईए और एटीएस का अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग को आतंकवाद से जुड़े मामले में फंसाने का डर दिखाया और 13 लाख रुपये ठग लिए। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के बाद भी इस घटना ने एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को उजागर किया है। देहरादून में इस वर्ष जनवरी-फरवरी के दौरान डिजिटल अरेस्ट के पांच मामले सामने आए थे। इसके बाद फरवरी से जुलाई तक इस तरीके से ठगी का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया। वर्ष 2025 में देहरादून में डिजिटल अरेस्ट के कुल 18 मामले दर्ज किए गए थे।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed