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Dehradun: डेंगू का क्लीनिकल पैटर्न बदला, दूसरे चरण के लक्षण पहले में दिख रहे, बढ़ा रहा खतर, 41 लोग पॉजिटिव

Sat, 01 Aug 2026 01:32 PM IST
Renu Saklani अंकित यादव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अंकित यादव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Sat, 01 Aug 2026 01:32 PM IST
सार

डेंगू का क्लीनिकल पैटर्न बदलने से दूसरे चरण के लक्षण पहले में दिख रहे हैं। मादा मच्छर अंडों के विकास के लिए मनुष्य का खून चूसने के दौरान पैरासाइट छोड़ रहे हैं। बार-बार बारिश और धूप निकलने का पैटर्न डेंगू के खतरे को बढ़ा रहा है।

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Dengue Clinical pattern changed symptoms of second stage are appearing in the first Uttarakhand news
डेंगू - फोटो : amarujala

विस्तार

डेंगू वायरस की चपेट में आए मरीजों का क्लीनिकल पैटर्न अब बदल गया है। दूसरे यानी डेंगू शॉक सिंड्रोम के लक्षण पहले चरण में ही दिख रहे हैं। विशेषज्ञ इसके लिए एक ही व्यक्ति को अलग-अलग स्ट्रेन के मच्छरों के काटने को मुख्य वजह बता रहे हैं।राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विजय भंडारी और वरिष्ठ फिजिशिन डॉ. कुमार जी कौल की मानें तो डेंगू वायरस की चपेट में आने वाला मरीज तीन अलग-अलग चरण से होकर गुजरता है।

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आमतौर पर पहले चरण यानी 2-7 दिनों में मरीज को बुखार, उल्टी, सिर और शरीर में दर्द की शिकायत देखने को मिलती है। जबकि दूसरे चरण जो सात से 14 दिनों तक का होता है इसमें मरीज डेंगू शॉक सिंड्रोम से जूझता है। इसमें अचानक प्लेटलेट्स कम होने लगती हैं। यह सब तब होता है जब शरीर में प्लाज्मा लीक होने लगता है।
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विशेषज्ञ इस स्थिति को बेहद गंभीर मानते हैं। तीसरा चरण रिकवरी का होता है। विशेषज्ञों के अनुसार अब कई मरीजों में बीमारी के पहले चरण में शरीर के अंदर ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। इससे फेफड़ों और छाती में पानी भर जाता है। इसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत आती है। डॉ. कौल के मुताबिक मच्छर के चार अलग-अलग स्ट्रेन में से अगर एक ही व्यक्ति को दो या उससे अधिक स्ट्रेन के मच्छर काटते हैं तो यह स्थिति पैदा होती है। ऐसे में थोड़े से संकेत मिलने पर एलाइजा जांच करवाना बेहद जरूरी है।

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44 लोग आ चुके हैं डेंगू की चपेट में

दून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के मुताबिक मई से अब तक 44 लोगों में डेंगू की प्रामाणिक पुष्टि हो चुकी है। आमतौर पर डेंगू के मामले सितंबर के बाद देखने को मिलते हैं लेकिन मौसम बदलने की वजह से डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। दून में डेंगू के लिए 10 हॉटस्पॉट भी चिह्नित किए गए हैं।

मादा मच्छर अंडों के विकास के लिए हुए सक्रिय, आउटब्रेक का खतरा

डीएवी कॉलेज के जंतु विज्ञान विशेषज्ञ सुनील कुमार बताते हैं कि डेंगू के मरीज समय से पहले सामने आने के पीछे की वजह से मादा मच्छरों के लिए सुगम मौसम परिस्थितियां हैं। मादा मच्छर अपने अंडों के विकास के लिए मनुष्य का खून चूसती हैं। इस दौरान वह पैरासाइट उनके शरीर में ही छोड़ देती हैं। चार तरह के मादा मच्छर ही डेंगू वायरस की वजह बनते हैं। इसमें ऐडीज इजिप्टी, एडीज एल्बोपिक्टस, एडीज पॉलीनेसिएंसिस और एडीज स्कुटेलारिस शामिल हैं। बताया कि इस सीजन बार-बार बदलता मिजाज डेंगू के आउटब्रेक की वजह बन सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहना होगा।

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ऐसे करें बचाव

1- शरीर का ढककर रखें

2- घर के आस-पास पानी एकत्रित न होने दें


 

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