{"_id":"6a171008af0c6240910cadea","slug":"dhirendra-shastri-came-out-after-21-days-meditation-in-badrinath-shared-experiences-started-satyanarayan-katha-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदरीनाथ: 21 दिन की साधना के बाद गुफा से बाहर आए धीरेंद्र शास्त्री, बताए दिव्य अनुभव, फिर धाम में शुरू की कथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदरीनाथ: 21 दिन की साधना के बाद गुफा से बाहर आए धीरेंद्र शास्त्री, बताए दिव्य अनुभव, फिर धाम में शुरू की कथा
संवाद न्यूज एजेंसी, ज्योतिर्मठ (चमोली)
Published by: Renu Saklani
Updated Wed, 27 May 2026 09:26 PM IST
विज्ञापन
सार
बदरीनाथ में धीरेंद्र शास्त्री की 21 दिन की गुफा साधना बुधवार को संपन्न होने के बाद धाम में सत्यनारायण कथा का शुभारंभ हो गया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंच रहे हैं।
धीरेंद्र शास्त्री
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के 21 दिन की साधना के बाद गुफा से बाहर निकले। गुफा से बाहर निकलने के बाद उन्होंने साधना के दौरान के अपने दिव्य अनुभवों को बारे में बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि वह अपने अनुभवों को लोगों के साथ कथा के दौरान बांटेंगे।
https://www.amarujala.com/video-shots/short-videos/dhirendra-shastri-came-out-after-21-days-of-meditation-in-badrinath-2026-05-27
बुधवार से सत्यनारायण कथा का शुभारंभ बदरीनाथ धाम में हो गया है। कथा मे शामिल होने के लिये बाबा के भक्त बदरीनाथ धाम में पहुच रहे है। इसके साथ ही कथा स्थल में श्रदालु पहुचकर बाबा की कथा का श्रवण कर रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने पहले दिन बदरीनाथ की महिमा के बारे में बताया। कथा सुनने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंच गए हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि साधना का फल राष्ट्र के लिए समर्पित है। यह देश और सनातन के काम आए यही हमारी कामना है। 21 दिन की साधना में कई तरह के अनुभव हुए हैं।
Trending Videos
13 घंटे पैदल चलकर नीलकंठ पर्वत के किनारे से नारायण पर्वत की परिक्रमा की
उनको कथा के दौरान बीच-बीच में बताते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नर-नारायण पर्वत की परिक्रमा के दौरान वह मौत के मुंह से बचकर आ गए। यह सारे अनुभव भक्तों को सुनाएंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने बदरीनाथ धाम में 21 दिन की साधना की।
ये भी पढे़ं...Uttarakhand News: प्रदेश में 29 मई से शुरू होगा एसआईआर का प्रशिक्षण, आठ जून से बीएलओ घर-घर पहुंचेंगे
साधना संपन्न होने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने 13 घंटे पैदल चलकर नीलकंठ पर्वत के किनारे से नारायण पर्वत की परिक्रमा की। खड़ी चढ़ाई कठिन मार्ग पर चलते हुए वे मौत के मुंह से निकलकर आए हैं। प्रशासन के सहयोग से देवताल भी गए।