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Uttarakhand: प्रदेश के 19 लाख मतदाताओं को चुनाव आयोग भेजेगा नोटिस, घबराएं नहीं, बीएलओ के जरिए भी होगा काम आसान

Thu, 16 Jul 2026 11:57 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Thu, 16 Jul 2026 11:57 AM IST
सार

ड्राफ्ट मतदाता सूची में जो विसंगतियां आईं हैं, उन्हें दूर करने के लिए नोटिस की प्रक्रिया शुरू हो रही है, लेकिन मतदाताओं को नोटिस आने पर घबराने की जरूरत नहीं। बीएलओ के जरिए भी काम आसान हो जाएगा।

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Election Commission will issue notices to 1.9 million voters process will also be facilitated through BLOs
एसआईआर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

प्रदेश के जिन 19 लाख मतदाताओं को चुनाव आयोग नोटिस जारी करेगा, उनके पास इससे निपटने का आसान तरीका भी है। ऐसे मतदाता अपने बीएलओ से संपर्क करें। बीएलओ उनकी रिपोर्ट ईआरओ को देंगे, जिस आधार पर उनका नोटिस खारिज हो सकता है।

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अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में जो विसंगतियां आईं हैं, उन्हें दूर करने के लिए नोटिस की प्रक्रिया हो रही है। उन्होंने बताया कि 25 जुलाई से मतदाताओं के पास नोटिस पहुंचने शुरू हो जाएंगे। ये नोटिस उनके बीएलओ उनके पास लेकर जाएंगे। नोटिस पर सुनवाई संबंधी पूरी जानकारी भी होगी। सात से दस दिन में इसका जवाब देना होगा।

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नोटिस का जवाब देने के लिए वार्ड से लेकर न्याय पंचायत स्तर तक सुनवाई के शिविर लगाए जाएंगे। इस बीच आप अगर नोटिस संबंधी जानकारी अपने बीएलओ को देंगे और वे इससे संतुष्ट होंगे तो अपनी रिपोर्ट ईआरओ को भेज देंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आपका नोटिस खारिज हो जाएगा। इससे आपको सुनवाई में जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

नोटिस के सपोर्ट में ये दस्तावेज चल सकेंगे

-किसी भी केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार, पीएसयू के नियमित कर्मचारी-पेंशनभोगी को जारी कोई भी पहचान पत्र।

-एक जुलाई 1987 से पूर्व भारत में सरकार, स्थानीय प्राधिकारी, बैंक, डाकघर, एलआईसी, पीएसयू से जारी कोई भी पहचान पत्र।

-सक्षम प्राधिकारी से जारी जन्म प्रमाण पत्र।

-पासपोर्ट।

-मान्यता प्राप्त बोर्ड, विश्वविद्यालयों से जारी मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र।

-सक्षम राज्य प्राधिकारी से जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।

-वन अधिकार प्रमाण पत्र।

-सक्षम प्राधिकारी से जारी ओबीसी, एससी, एसटी या किसी भी जाति का प्रमाण पत्र।

-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां अस्तित्व में हो)।

-राज्य, स्थानीय प्राधिकरणों से तैयार परिवार रजिस्टर।

-सरकार से जारी कोई भी भूमि, मकान आवंटन प्रमाण पत्र।

-आधार कार्ड।

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