Uttarakhand: चुनाव 2027, भाजपा अध्यक्ष बोले-अनावश्यक दावेदारी से विवाद की स्थिति पैदा न करें दायित्वधारी
भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि चुनाव में अनावश्यक दावेदारी से दायित्वधारी विवाद की स्थिति पैदा न करें। अमर उजाला से बातचीत में भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दिए सवालों के बेबाक जवाब दिए।
विस्तार
उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि दायित्वधारी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अनावश्यक दावेदारी से विवाद की स्थिति पैदा न करें। पार्टी को जिताऊ प्रत्याशी नजर आएगा तो खुद टिकट दे देगी। अमर उजाला पॉडकास्ट शतरंज में संपादक अनूप वाजपेयी से बातचीत में अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि फिलहाल सबके लिए कमल का फूल ही प्रत्याशी है। उसे जिताने के लिए काम करें।
अध्यक्ष भट्ट ने स्पष्ट कहा कि पार्टी में इस बार केवल जीतने की क्षमता ही टिकट का एकमात्र पैमाना होगी। दायित्वधारियों और वर्तमान पदाधिकारियों के चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए भट्ट ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं को सरकार में दायित्व दिए गए हैं, उनका प्राथमिक लक्ष्य पार्टी को चुनाव जिताना होना चाहिए।
दो-टूक कहा कि अनावश्यक टिकट की दावेदारी कर विवाद की स्थितियां उत्पन्न करने पर ब्रेक लगना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि सर्वे में किसी दायित्वधारी का चेहरा ही जीत का सबसे बड़ा आधार पाया जाता है तो पार्टी उसे प्रत्याशी बनाने से गुरेज नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हमने 23 विधानसभाओं को केंद्रित किया है, जहां हम पिछले चुनाव नहीं जीत पाए थे। हम प्रत्याशियों के चयन के लिए पांच सर्वे कराएंगे। जीत ही आधार होती है और जीतने वाले को ही प्रत्याशी बनाया जाएगा।
मार्च में हो सकता है कैबिनेट विस्तार
लंबे समय से खाली चल रहे कैबिनेट के पदों और नए दायित्वों के बंटवारे पर भट्ट ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का मंत्रिमंडल विस्तार एक साथ होने की चर्चा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मार्च में उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार हो सकता है, जिससे मंत्रियों के पांच रिक्त पदों को भरा जा सकेगा। यह भी खुलासा किया कि दायित्वधारियों की एक नई सूची जल्द ही केंद्र से फाइनल होकर आने वाली है।
जन मुद्दों से कटी है कांग्रेस
विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस आज भी जन सामान्य की समस्याओं के बजाए केवल भावनात्मक मुद्दों की राजनीति कर रही है। अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस चार चुनाव लड़ चुकी है और चारों में भाजपा की जीत हुई है, जो यह दर्शाता है कि जनता विकास के साथ है।
चैंपियन परिवार को नसीहत
हाल में कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के आवास पर हुई मुलाकात को लेकर भट्ट ने स्पष्ट किया कि वह एक शिष्टाचार भेंट थी। लेकिन इस दौरान उन्होंने अनुशासन और भाषा की गरिमा बनाए रखने का पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि मनमानी करना राजाओं के स्वभाव का हिस्सा होता है लेकिन सोशल मीडिया के इस दौर में सावधानी बरतने और पार्टी के नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है।
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नेता न होते तो प्रचारक होते
एक सवाल के जवाब में भाजपा अध्यक्ष भट्ट ने कहा कि अगर वे राजनेता न होते तो वे निश्चित रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्ण प्रचारक के रूप में काम कर रहे होते।

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