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Dehradun News: बिजली संशोधन विधेयक के खिलाफ ऊर्जा कार्मिकों का कार्यबहिष्कार

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 06:05 PM IST
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Energy workers boycott work against the Electricity Amendment Bill
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-13 से 17 मार्च तक गेट मीटिंग, छह अप्रैल से पूर्ण हड़ताल की चेतावनी
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अमर उजाला ब्यूरो

देहरादून। केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और ऊर्जा निगमों में लंबित 19 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को प्रदेश के सभी बिजली घरों, जल विद्युत परियोजनाओं और मुख्यालयों पर लाइटनिंग एक्शन के तहत जोरदार कार्य बहिष्कार और गेट मीटिंग का आयोजन किया गया।
यूपीसीएल मुख्यालय पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मोर्चा के संयोजक इंसारुल हक और अध्यक्ष युद्धवीर सिंह तोमर ने कहा कि सरकार बिना किसी लोकतांत्रिक परामर्श के बिजली संशोधन बिल को पारित करने की तैयारी में है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यह बिल और नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को ध्वस्त कर निजी घरानों को लाभ पहुंचाने का जरिया मात्र है। इसका सीधा असर किसानों, आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों पर पड़ेगा। सभा की अध्यक्षता कार्तिकेय दुबे और संचालन विनोद कवि ने किया। इस दौरान राहुल चांनना, प्रदीप कंसल, सुनील तंवर, कल्पना डोभाल, राजवीर सिंह, आशीष, बीरबल सिंह, चित्र सिंह, एचएस रावत, सुनील मोगा, शैलेंद्र सिंह, डीएस नेगी, अमित रंजन, रेखा डंगवाल, रविंद्र प्रताप सिंह समेत तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।
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डाकपत्थर की भूमि हस्तांतरण का विरोध

सभा में उत्तराखंड सरकार की ओर से यूजेवीएनएल की डाकपत्थर और ढालीपुर स्थित 76.73 हेक्टेयर भूमि को निजी क्षेत्र को आवंटित करने के निर्णय की भी तीखी आलोचना की गई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल विद्युत परियोजनाओं के लिए सुरक्षित भूमि को अन्य कार्यों के लिए हस्तांतरित किया गया तो लखवाड़ और किशाऊ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भविष्य अधर में लटक जाएगा।

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छह अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि मांगों पर जल्द समाधान न निकला तो आंदोलन तेज किया जाएगा। 13 और 17 मार्च को पूरे प्रदेश में गेट मीटिंग और विरोध प्रदर्शन। इसके बाद 27 मार्च को यूपीसीएल मुख्यालय पर एक दिवसीय सत्याग्रह होगा। छह अप्रैल को यूजेवीएनएल मुख्यालय पर सत्याग्रह और मध्यरात्रि से पूर्ण हड़ताल की जाएगी।
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