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Dehradun News: मांगें पूरी न होने पर इंजीनियरों की गेट मीटिंग, छह अप्रैल से हड़ताल की चेतावनी
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- देहरादून में पिटकुल मुख्यालय में हुई मीटिंग, मांगें पूरी न होने पर रोष
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में राज्य में चलाए जा रहे आंदोलन कार्यक्रम के तहत पिटकुल मुख्यालय माजरा देहरादून पर गेट मीटिंग का आयोजन किया गया।
सभा की अध्यक्षता प्रदीप कंसल और संचालन सुनील तंवर ने किया। घटक संगठनों के पदाधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त किया कि मोर्चा की ओर से गेट मीटिंग कार्यक्रम के कारण पिटकुल मुख्यालय के दोनों द्वार पर ताला लगाकर कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। मोर्चा के राज्य स्तरीय दूसरे चरण में कर्मचारी मुख्यालय पर गेट मीटिंग कर रहे हैं। अभी तक प्रबंधन की ओर से वार्ता के माध्यम से कोई समाधान नहीं किया गया है।
17 मार्च को यूजेवीएनएल मुख्यालय पर गेट मीटिंग होगी। मोर्चा ने फरवरी में डाकपत्थर भूमि हस्तांतरण का शासनादेश रद्द करने सहित विभिन्न 19 समस्याओं के विषय में समस्या पत्र दिया गया था। गेट मीटिंग में एचएस रावत, अशोक सैनी, आजाद सिंह, बीरबल सिंह, कमल शर्मा, कार्तिकेय दुबे, सुनील तंवर, सुनील मोगा, शैलेंद्र सिंह, केहर सिंह, रेखा डंगवाल, राकेश शर्मा, राजवीर सिंह, पंकज सैनी आदि ने विचार रखें। मोर्चा ने चेतावनी दी कि 27 मार्च को यूपीसीएल मुख्यालय पर एक दिवसीय सत्याग्रह होगा। छह अप्रैल को यूजेवीएनएल मुख्यालय पर एक दिवसीय सत्याग्रह और इसके बाद मध्य रात्रि से पूर्ण हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
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ये हैं मुख्य मांगें
-यमुना परियोजना की डाकपत्थर स्थित भूमि का हस्तांतरण रद्द किया जाए।
-तीनों ऊर्जा निगम में कार्यरत उपनल कार्मिकों को समान कार्य, समान वेतन व नियमितीकरण का लाभ तत्काल दिया जाए।
-वर्ष 2020 के बाद नियुक्त कार्मिकों को विद्युत टैरिफ सुविधा पूर्व की भांति प्रदान की जाए।
-वर्ष 2005 तक की विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्त कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
-2600 ग्रेड वेतन में नियुक्त कार्मिकों को तृतीय एसीपी पूर्व की भांति 6600 ग्रेड वेतन व चतुर्थ श्रेणी को 4600 ग्रेड वेतन का लाभ प्रदान किया जाए।
-नियुक्ति पर मिलने वाली प्रारंभिक वेतन वृद्धि का लाभ सहायक अभियंता,अवर अभियंता, टेक्नीशियन को दिया जाए।
-टीजी 2 और टीजी 1 के पदों को एक करते हुए एक पदनाम टेक्नीशियन किया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में राज्य में चलाए जा रहे आंदोलन कार्यक्रम के तहत पिटकुल मुख्यालय माजरा देहरादून पर गेट मीटिंग का आयोजन किया गया।
सभा की अध्यक्षता प्रदीप कंसल और संचालन सुनील तंवर ने किया। घटक संगठनों के पदाधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त किया कि मोर्चा की ओर से गेट मीटिंग कार्यक्रम के कारण पिटकुल मुख्यालय के दोनों द्वार पर ताला लगाकर कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। मोर्चा के राज्य स्तरीय दूसरे चरण में कर्मचारी मुख्यालय पर गेट मीटिंग कर रहे हैं। अभी तक प्रबंधन की ओर से वार्ता के माध्यम से कोई समाधान नहीं किया गया है।
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17 मार्च को यूजेवीएनएल मुख्यालय पर गेट मीटिंग होगी। मोर्चा ने फरवरी में डाकपत्थर भूमि हस्तांतरण का शासनादेश रद्द करने सहित विभिन्न 19 समस्याओं के विषय में समस्या पत्र दिया गया था। गेट मीटिंग में एचएस रावत, अशोक सैनी, आजाद सिंह, बीरबल सिंह, कमल शर्मा, कार्तिकेय दुबे, सुनील तंवर, सुनील मोगा, शैलेंद्र सिंह, केहर सिंह, रेखा डंगवाल, राकेश शर्मा, राजवीर सिंह, पंकज सैनी आदि ने विचार रखें। मोर्चा ने चेतावनी दी कि 27 मार्च को यूपीसीएल मुख्यालय पर एक दिवसीय सत्याग्रह होगा। छह अप्रैल को यूजेवीएनएल मुख्यालय पर एक दिवसीय सत्याग्रह और इसके बाद मध्य रात्रि से पूर्ण हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
ये हैं मुख्य मांगें
-यमुना परियोजना की डाकपत्थर स्थित भूमि का हस्तांतरण रद्द किया जाए।
-तीनों ऊर्जा निगम में कार्यरत उपनल कार्मिकों को समान कार्य, समान वेतन व नियमितीकरण का लाभ तत्काल दिया जाए।
-वर्ष 2020 के बाद नियुक्त कार्मिकों को विद्युत टैरिफ सुविधा पूर्व की भांति प्रदान की जाए।
-वर्ष 2005 तक की विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्त कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
-2600 ग्रेड वेतन में नियुक्त कार्मिकों को तृतीय एसीपी पूर्व की भांति 6600 ग्रेड वेतन व चतुर्थ श्रेणी को 4600 ग्रेड वेतन का लाभ प्रदान किया जाए।
-नियुक्ति पर मिलने वाली प्रारंभिक वेतन वृद्धि का लाभ सहायक अभियंता,अवर अभियंता, टेक्नीशियन को दिया जाए।
-टीजी 2 और टीजी 1 के पदों को एक करते हुए एक पदनाम टेक्नीशियन किया जाए।