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Rishikesh: आरवीएनएल परियोजना स्थल देखने पहुंचा ओडिशा का मीडिया प्रतिनिधिमंडल, जुटाई अहम जानकारियां

माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Fri, 13 Mar 2026 07:25 PM IST
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सार

आरवीएनएल के डीजीएम ने दल को महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट की प्रगति और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी।

Rishikesh: Media Delegation from Odisha Arrives in Rishikesh to Inspect RVNL Project Site
आरवीएनएल परियोजना स्थल देखने पहुंचा ओडिशा का मीडिया प्रतिनिधिमंडल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को ऋषिकेश में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) की प्रोजेक्ट साइट का दौरा किया। यह प्रेस टूर भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी), भुवनेश्वर और उत्तराखंड में आयोजित किया गया है। 

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ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधिमंडल का आरवीएनएल के डीजीएम (सिविल) ओम प्रकाश मालगुरी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने दल को महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट की प्रगति और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट हिमालयी क्षेत्र में शुरू की गई सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों में से एक है।  इसका उद्देश्य उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी में काफी सुधार करना है।
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125 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन
प्रोजेक्ट साइट के दौरे के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 125 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन, जिसे लगभग 37,000 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है। जो ऋषिकेश को हिमालयी क्षेत्र गढ़वाल के ऊबड़-खाबड़ इलाकों से होते हुए कर्णप्रयाग से जोड़ेगी। यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड के पांच जिलों- देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली से होकर गुजरता है, जिससे पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

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85 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा
बताया कि रेल मार्ग का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है, जिससे यह देश के सबसे ज्यादा सुरंगों वाले रेलवे प्रोजेक्ट्स में से एक बन जाता है। इस प्रोजेक्ट में 100 किलोमीटर से ज्यादा लंबी 16 बड़ी सुरंगों का निर्माण शामिल है, साथ ही गहरी घाटियों और पहाड़ी नदियों पर कई पुल भी बनाए जा रहे हैं।

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