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Dehradun News: उत्तराखंड में चार फास्ट ट्रैक न्यायालय व चार विशेष कोर्ट
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-सांसद त्रिवेंद्र के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने दिया जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में चार फास्ट ट्रैक न्यायालय और चार फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट से त्वरित न्याय को गति मिलेगी। बुधवार को हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत के सवाल के जवाब में लोकसभा में केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने ये जानकारी दी।
मंत्री मेघवाल ने बताया कि 31 जनवरी 2026 तक उत्तराखंड में चार फास्ट ट्रैक न्यायालय एवं चार फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय संचालित हैं। ये न्यायालय विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों के त्वरित निपटान के लिए कार्यरत हैं। यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालयों में न्यायाधीशों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति का दायित्व राज्य सरकार एवं संबंधित उच्च न्यायालय का होता है।
न्यायिक प्रक्रिया की सतत निगरानी के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्यों एवं उच्च न्यायालयों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। पॉक्सो एवं अन्य संवेदनशील मामलों के शीघ्र निपटान के लिए समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष बल दिया जा रहा है। सरकार के अनुरोध पर उत्तराखंड को तीन अतिरिक्त फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय आवंटित किए गए हैं, जो देहरादून (विकासनगर), ऊधम सिंह नगर (काशीपुर) एवं नैनीताल में स्थापित होंगे।
सांसद त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि उत्तराखंड में न्याय व्यवस्था को सशक्त एवं त्वरित बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आमजन, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को शीघ्र न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है।
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औषधीय पौधों के क्षेत्र में मिल रही नई पहचान
देहरादून। सांसद त्रिवेंद्र रावत के संसद में उठाए गए प्रश्न के जवाब में आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने बताया कि राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की ओर से पांच वर्षों में देशभर में औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन और सतत प्रबंधन को व्यापक कार्य किए गए हैं। उत्तराखंड इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है। राज्य में कुल 26 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनके लिए लगभग 700.21 लाख की धनराशि जारी की गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में चार फास्ट ट्रैक न्यायालय और चार फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट से त्वरित न्याय को गति मिलेगी। बुधवार को हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत के सवाल के जवाब में लोकसभा में केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने ये जानकारी दी।
मंत्री मेघवाल ने बताया कि 31 जनवरी 2026 तक उत्तराखंड में चार फास्ट ट्रैक न्यायालय एवं चार फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय संचालित हैं। ये न्यायालय विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों के त्वरित निपटान के लिए कार्यरत हैं। यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालयों में न्यायाधीशों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति का दायित्व राज्य सरकार एवं संबंधित उच्च न्यायालय का होता है।
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न्यायिक प्रक्रिया की सतत निगरानी के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्यों एवं उच्च न्यायालयों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। पॉक्सो एवं अन्य संवेदनशील मामलों के शीघ्र निपटान के लिए समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष बल दिया जा रहा है। सरकार के अनुरोध पर उत्तराखंड को तीन अतिरिक्त फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय आवंटित किए गए हैं, जो देहरादून (विकासनगर), ऊधम सिंह नगर (काशीपुर) एवं नैनीताल में स्थापित होंगे।
सांसद त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि उत्तराखंड में न्याय व्यवस्था को सशक्त एवं त्वरित बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आमजन, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को शीघ्र न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है।
औषधीय पौधों के क्षेत्र में मिल रही नई पहचान
देहरादून। सांसद त्रिवेंद्र रावत के संसद में उठाए गए प्रश्न के जवाब में आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने बताया कि राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की ओर से पांच वर्षों में देशभर में औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन और सतत प्रबंधन को व्यापक कार्य किए गए हैं। उत्तराखंड इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है। राज्य में कुल 26 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनके लिए लगभग 700.21 लाख की धनराशि जारी की गई है।