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केदारनाथ में मिलेगी 'संजीवनी: लिनचौली से मोदी गुफा तक विकसित होगी हरित पट्टी, औषधीय पौधों से संवरेगा सौंदर्य

प्रमोद सेमवाल, अमर उजाला, गोपेश्वर Published by: Alka Tyagi Updated Sun, 14 Jun 2026 04:05 PM IST
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सार

वन विभाग ने केदारनाथ में हरित पट्टी विकसित करने की योजना बनाई है। वन विभाग के अनुसार हरित पट्टी विकसित होने से भूमि कटाव को कम करने में मदद मिलेगी।

Green belt will be developed in Kedarnath  Medicinal plants will enhance its beauty
केदारनाथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देने के लिए केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की ओर से धाम क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत लिनचौली से मोदी गुफा तक औषधीय एवं स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। प्रभाग ने इस कार्य के लिए पांच वर्षों की अवधि वाली 46.24 लाख रुपये की योजना शासन को भेजी है।



केदारनाथ मंदिर क्षेत्र समुद्र तल से लगभग 3562 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से यह क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ था। आपदा के बाद से यहां पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और ढलानों को स्थिर करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
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इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने हरित पट्टी विकसित करने की योजना बनाई है। वन विभाग के अनुसार हरित पट्टी विकसित होने से भूमि कटाव को कम करने में मदद मिलेगी। पौधों की जड़ें मिट्टी को मजबूती प्रदान करेंगी, जिससे ढलानों पर स्थिरता बढ़ेगी। साथ ही वर्षा जल के सतही बहाव को नियंत्रित कर भूस्खलन की संभावनाओं को भी कम किया जा सकेगा। 
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इन क्षेत्रों में होगी हरित पट्टी विकसित

योजना के तहत केदारनाथ के आस्था पथ पर स्थित लिनचौली, बड़ी लिनचौली, मोदी गुफा के आसपास, भैरवनाथ मार्ग, देवदर्शनी, गरुड़चट्टी और छानी कैंप क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित की जाएगी। इन स्थानों पर स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधों का रोपण किया जाएगा। संवाद

स्थानीय और औषधीय प्रजातियों को मिलेगा बढ़ावा

हरित पट्टी में भोजपत्र, थुनेर, भोटिया बादाम, देवदार, खर्सू, मोरु और रागा जैसे स्थानीय वृक्षों के साथ ब्रह्मकमल, अतीस, डोलू, कूट, कुटकी, वज्रदंती, भृंगराज, भूतकेशी, पाषाणभेद और चौरू जैसी औषधीय प्रजातियों को विकसित किया जाएगा। पौधों की उपलब्धता के लिए टंगसा (गोपेश्वर) स्थित पौधशाला और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की दैया पौधशाला का सहयोग लिया जाएगा। संवाद

स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) सर्वेश कुमार दुबे ने बताया कि योजना के अंतर्गत पौध उत्पादन, रोपण और रखरखाव कार्यों में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरित पट्टी विकसित होने से केदारनाथ क्षेत्र का सौंदर्य और अधिक निखरेगा। श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के साथ हिमालयी वनस्पतियों और दुर्लभ औषधीय पौधों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

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