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भारतीय परंपराएं हमारी जड़ें, इनसे जुड़े रहना अतिआवश्यक : श्रीवास्तव
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दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्यूनिकेशन स्टडीज में भारतीय ज्ञान परंपरा व संचार विषय पर कार्यक्रम किया गया। केंद्रीय विद्यालय राजस्थान के कल्चर एंड मीडिया स्टडीज विभाग के डीन प्रो. अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय परंपराएं हमारी जड़ें हैं जिनसे हमारी पीढ़ियों का जुड़े रहना अतिआवश्यक है।
प्रो. अमिताभ श्रीवास्तव ने कहानीकार जोजेफ कैंपबेल का उल्लेख करते हुए बताया कि भारतीय दर्शन पर उनके विचार आज भी विश्व सिनेमा की कहानियों का हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को भारतीय पहचान को विश्व पटल पर अंकित करने के लक्ष्य निर्धारण करने के लिए प्रेरित किया। विभागाध्यक्ष डाॅ. राजेश कुमार ने नाट्य शास्त्र में विदित सहृदयता के मूल मंत्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित संचार की विभिन्न थ्योरी के वैश्विक स्तर पर समावेशित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में डाॅ. हर्ष डोभाल, डाॅ. करुणा शर्मा, जूही प्रसाद, आबशार अब्बासी, डाॅ. वंदना नौटियाल, सरगम मेहरा आदि मौजूद रहे।
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प्रो. अमिताभ श्रीवास्तव ने कहानीकार जोजेफ कैंपबेल का उल्लेख करते हुए बताया कि भारतीय दर्शन पर उनके विचार आज भी विश्व सिनेमा की कहानियों का हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को भारतीय पहचान को विश्व पटल पर अंकित करने के लक्ष्य निर्धारण करने के लिए प्रेरित किया। विभागाध्यक्ष डाॅ. राजेश कुमार ने नाट्य शास्त्र में विदित सहृदयता के मूल मंत्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित संचार की विभिन्न थ्योरी के वैश्विक स्तर पर समावेशित करने पर जोर दिया।
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कार्यक्रम में डाॅ. हर्ष डोभाल, डाॅ. करुणा शर्मा, जूही प्रसाद, आबशार अब्बासी, डाॅ. वंदना नौटियाल, सरगम मेहरा आदि मौजूद रहे।