हरिद्वार: 12 फिट से ऊंची कांवड़ और डीजे लेकर कांवड़ियों ने किया प्रवेश, पुलिस ने नारसन बॉर्डर से लौटाया
हरिद्वार प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मानकों के विपरीत डीजे और कांवड़ पर सख्ती शुरू कर दी है। निर्धारित आकार से अधिक बड़े डीजे और कांवड़ वाहनों को जनपद में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
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हरिद्वार में मानकों के विपरीत डीजे और कांवड़ लाने पर पुलिस प्रशासन ने कांवड़ियों को लौटा दिया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के तहत प्रशासन मानकों के विपरीत डीजे एवं कांवड़ को जिले में प्रवेश नहीं करने दे रहा है। प्रशासन के अनुसार 10 फीट चौड़ाई और 12 फीट ऊंचाई से अधिक आकार वाले डीजे एवं कांवड़ को किसी भी स्थिति में हरिद्वार में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ऐसे वाहनों को नारसन बॉर्डर से ही वापस लौटाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात बनाए रखने के लिए लागू की गई है। प्रशासन ने सभी कांवड़ियों और आयोजकों से अपील की है कि वे निर्धारित मानकों और जारी गाइडलाइन का पालन करें।
पंचक खत्म होते ही उमड़ा आस्था का सैलाब, अब होगी भागमभाग
पंचक समाप्त होने के बाद आस्था का सैलाब उमड़ने लगा है। अब डाक कांवड़ यात्रियों की आमद तेज होने के साथ ही धर्मनगरी में भागमभाग का दौर शुरू होने जा रहा है। अलग-अलग राज्यों से डाक कांवड़ लेकर आने वाले शिवभक्तों के वाहन हरिद्वार पहुंचने लगे हैं। आने वाले चार दिन पुलिस और प्रशासन के लिए सबसे कठिन परीक्षा वाले होंगे। डाक कांवड़ के वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
कांवड़ मेले के शुरुआती दिनों में पैदल कांवड़ यात्रियों की संख्या अधिक रही। अब मंगलवार को पंचक समाप्त होने के बाद से बुधवार, बृहस्पतिवार से डाक कांवड़ का जोर बढ़ गया है। बैरागी कैंप समेत शहर के विभिन्न हिस्सों में डाक कांवड़ यात्रियों के वाहन दिखाई देने लगे हैं। कई राज्यों से शिवभक्त जत्थों के रूप में हरिद्वार पहुंच रहे हैं और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
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उधर, कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने भी अंतिम चरण पर पूरा फोकस कर दिया है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, पार्किंग और कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए पुलिसकर्मियों को मुस्तैद किया गया है। डाक कांवड़ के अंतिम चरण में हरिद्वार से लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा तक पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यातायात को नियंत्रित रखने की होगी। ऐसे में अगले चार दिन पुलिस-प्रशासन के इंतजामों की असली परीक्षा माने जा रहे हैं। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर का कहना है कि डाक कांवड़ वाहनों के प्रवेश व निकासी के लिए इंतजाम किए गए हैं।