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Dehradun: एलयूसीसी चिटफंड घोटाला, सीबीआई ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, पांच पहले पकड़े जा चुके

माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Tue, 02 Jun 2026 12:46 PM IST
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सार

उत्तराखंड में एलयूसीसी चिटफंड धोखाधड़ी मामले में सीबीआई दो और आरोपियों तक पहुंची हैं। मामले में इससे पहले पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

LUCC scam in Uttarakhand CBI arrests two more accused in LUCC scam Dehradun News
दो आरोपी गिरफ्तार - फोटो : माई सिटी रिपोर्टर
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विस्तार

एलयूसीसी घोटाले में सीबीआई ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पंकज जैन उर्फ पंकज चौधरी और किशन जैन नाम इस दोनों आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तारियां किया गया है। सीबीआई के अनुसार ये दोनों की मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी के धन को संपत्तियां खरीद में निवेश कर रहे थे।



इससे पहले सीबीआई तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें समीर अग्रवाल का साला भी शामिल है। समीर अग्रवाल विदेश भाग चुका है। मामला करीब 800 करोड़ की धोखाधड़ी का है जिसमे से करीब 400 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं। ऐसा सीबीआई की जांच में सामने आया है।
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ये है पूरा मामला

लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी(एलयूसीसी) कंपनी ने प्रदेशभर के लोगों से करीब 100 करोड़ रुपये ठगे हैं। यह ब्योरा उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न प्राथमिकियों की जांच में सामने आया था। जिन लोगों से ठगी हुई वे सभी छोटी आय के लोग हैं। इनमें से ज्यादातर दिहाड़ी करने वाली महिलाएं और गृहणियां शामिल हैं। यह कंपनी उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश व अन्य कई प्रदेशों में सक्रिय थी। वहां भी इस तरह की ठगी के मामले सामने आए हैं। कंपनी का मालिक नवीं मुंबई का रहने वाला है।

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एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मुख्यालय भी इस प्रकरण की निगरानी कर रहा था। सभी प्राथमिकियों में धोखाधड़ी के अलावा बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम यानी बड्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। लिहाजा ये सब मुकदमे स्पेशल बड्स एक्ट में ही चलाए जा रहे थे। इसी बीच मार्च 2025 में ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में एक पीआईएल दाखिल कर पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। इसके बाद एक और पीआईएल दाखिल की गई। दोनों पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को सीबीआई जांच कराने के आदेश दिए थे।

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