राष्ट्रीय बालिका दिवस 2022: उत्तराखंड की बेटियों ने भरी ऊंची उड़ान, फख्र कर रहा पूरा हिंदुस्तान
अभिनय, खेल सहित अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहीं इन बेटियों के हुनर को आज हर कोई सलाम कर रहा है।
विस्तार
बेटियों के हुनर को मौका मिला तो उम्मीदों ने उड़ान भरनी शुरू की। कम उम्र में ही कड़ी मेहनत कर अपने हुनर को निखार ऊंची उड़ान भरने वाली उत्तराखंड की इन बेटियों पर पूरा हिंदुस्तान फख्र कर रहा है। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर हम ऐसी ही बेटियों से आपको रूबरू करा रहे हैं।
नेशनल गेम्स में छायी गोल्डन गर्ल अंकिता
गोल्डन गर्ल के नाम से पहचान बना चुकी उत्तराखंड की एथलीट अंकिता ध्यानी ने राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक दिन में दो इवेंट में मेडल जीते हैं। खेल में करियर बनाने की चाह रखने वाली अंकिता पहाड़ी पगडंडियों पर दौड़कर अभ्यास किया करती थीं। पंद्रह सौ, तीन हजार और पांच हजार मीटर की दौड़ में राष्ट्रीय स्तर पर कई बार गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। पंजाब में हुई 19वीं नेशनल फेडरेशन कप जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अंकिता ने गोल्ड और सिल्वर मेडल हासिल किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन केन्या के नैरोबी में होने वाली अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए हुआ। जिस तरह हैट्रिक गर्ल वंदना कटारिया ने ओलंपिक में शानदार रिकॉर्ड बनाया तो वहीं गोल्डन गर्ल अंकिता ध्यानी नेशनल गेम्स में छायी रहीं। किसान महिमानंद ध्यानी की होनहार बेटी अंकिता ने राज्य के साथ ही पूरे देश का नाम रोशन किया।
चाहत राजावत के विचारों से बड़े-बड़े अभिनेता प्रभावित
उत्तराखंड की बेटी व बाल कलाकार चाहत सिंह राजावत के अभिनय के तो सभी कायल हैं, लेकिन उनके विचारों से बड़े-बड़े अभिनेता प्रभावित हुए। केवल 10 साल की चाहत ने दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, विक्रांत मैसी, अभिनेत्री तापसी पन्नू, राधिका आप्टे जैसे कलाकारों के साथ फिल्में की हैं। चाहत कई धारावाहिक, वेब सीरीज और विज्ञापनों में भी नजर आ चुकी हैं। चाहत ने सिर्फ अपने अभिनय से ही नहीं बल्कि अपने विचारों से अभिनेता अनुपम खेर के दिल को छुआ।
अभिनेता अनुपम खेर चाहत के विचारों से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर चाहत से बातचीत का वीडियो भी साझा किया। राष्ट्र से जुड़े विचारों को लेकर कही चाहत की बात को लोगों ने खूब पसंद किया। छोटी सी उम्र में चाहत की यह परिपक्वता ही उन्हें कामयाबी की ओर ले जा रही है। फिल्म इंडस्ट्री में बाल कलाकार के रूप में मजबूत पहचान बना रही अपनी छोटी सी बेटी की बड़ी बड़ी उपलब्धियों से पिता गदगद हैं। चाहत को लगातार बड़े बड़े अभिनेताओं के साथ प्रोजेक्ट करने का मौका मिल रहा है।
देश के लिए गोल्ड लाना गोल्फर आरोही का जुनून
स्टार गोल्फर अदिति अशोक और नेली कोर्डा से प्रभावित 13 साल की आरोही अत्री देश के लिए गोल्ड लाने की तैयारी में जुटी है। कई टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर पहली रैंक हासिल करने वाली अदिति ने अपने पिता को देखकर गोल्फ खेलना सीखा। पहली बार जब आरोही ने गोल्फ खेला तो किसी को ये अहसास नहीं था की आरोही सिर्फ देख-देखकर ही इतना खेल पाई। इसके बाद आरोही ने सही से अपनी ट्रेनिंग शुरू की।
पढ़ाई के साथ आरोही रोज 3 से 4 घंटे अभ्यास करती है। सिलीगुड़ी बंगाल और मध्य प्रदेश में आयोजित टूर्नामेंट में आरोही ने लड़कियों की श्रेणी में पहली रैंक हासिल की। इसके बाद आरोही इन ने अपनी तैयारी को तेज किया। अब आरोही का पूरा ध्यान ओलंपिक में गोल्ड जीतने के सपने पर हैं। आरोही कहती है कि मैं देश को गौरवान्वित करने वाला वह क्षण देना चाहती हूं। मेरी मेहनत उसी दिन सफल होगी जब मैं देश के लिए गोल्डी जीतूंगी।
बॉक्सिंग और बास्केटबॉल से छायी का कायना
चौथी कक्षा में पढ़ने वाली छोटी सी कायना सिंह को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। क़ायना वैसे तो बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं, लेकिन अपने बॉक्सिंग के हुनर के लिए भी छाई रहती है। कायना ने बास्केटबॉल ओपन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और तीसरा स्थान हासिल करके हर किसी को हैरान कर दिया। कायना के हुनर को सभी ने सलाम किया और इसके बाद कई प्रतियोगिताओं में कायना ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
बतौर कायना मुझे बॉक्सिंग करना भी बेहद पसंद हैं। इसलिए बॉक्सिंग की भी जमकर प्रैक्टिकस करती हूं। बॉक्सिंग रिंग में उतरने के लिए कायना 10 साल की नहीं थी, इसलिए बॉक्सिंग रिंग में उतरने के लिए उसे बड़े होने का थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा गया। कायना भले ही उम्र में छोटी है, लेकिन उसके सपने बड़े हैं। फिलहाल कायना बास्केटबॉल में भी शानदार प्रदर्शन कर रही है। बेटी के हुनर को देख माता-पिता भी बेहद ख़ुश हैं।