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Dehradun News: स्कूलों में न मेडिकल किट और न ही अग्निशमन उपकरण
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- पहली बार समग्र शिक्षा कार्यक्रम का 188 स्कूलों में हुआ ऑडिट
- स्कूलों में कंप्यूटर सिस्टम तो लगे, नहीं हो रहा इस्तेमाल, केंद्र व राज्य सरकार को सौंपी जाएगी ऑडिट रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में केंद्र सरकार की समग्र शिक्षा कार्यक्रम के ऑडिट में कई खामियां उजागर हुई है। स्कूलों में न तो मेडिकल किट और न ही अग्निशन सुरक्षा उपकरण मिले। इसके अलावा स्कूलों में सरकार ने कंप्यूटर शिक्षा के लिए सिस्टम तो लगाए हैं, मगर उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
केंद्र सरकार के दिशानिर्देश पर ग्राम्य विकास विभाग के अधीन सामाजिक अंकेक्षण एवं जवाबदेही पारदर्शिता अभिकरण (उसाटा) ने अलग-अलग विकासखंडों में समग्र शिक्षा कार्यक्रम का सोशल ऑडिट किया। 188 स्कूलों में उसाटा की टीम ने जाकर कार्यक्रम के तहत स्कूलों में की गई व्यवस्थाओं को परखा। इसमें कई खामियां भी सामने आई है। ऑडिट में यह भी पाया कि अध्यापकों को स्कूल प्रबंधन अभिभावक समिति के बारे में जानकारी तक नहीं है। कई स्कूलों में शिकायत पेटी तक नहीं मिली है। इसके अलावा स्कूल भवन की स्थिति भी सही नहीं थी। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल में शौचालय तक नहीं बने हैं।
समग्र शिक्षा कार्यक्रम के तहत स्कूलों में मेडिकल किट होनी चाहिए, जिससे आपात स्थिति में स्कूली बच्चों का तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। अधिकतर स्कूलों में मेडिकल किट नहीं थी, जिन स्कूलों में मेडिकल किट रखी थी, उसमें रखी चिकित्सा सामग्री एक्सपायरी हो चुकी थी। सरकार ने कंप्यूटर शिक्षा के लिए स्कूलों को कंप्यूटर दिए हैं, लेकिन कई स्कूलों में ऑडिट के दौरान पाया गया कि कंप्यूटर सिस्टम धूल फांक रहे हैं। इसके अलावा बिजली की तारें व पंखे भी टूटे मिले। स्कूलों में आपातकालीन सेवा के टोल फ्री नंबर प्रदर्शित नहीं किए गए। विभागीय सूत्रों के अनुसार स्कूलों में किए गए समग्र शिक्षा कार्यक्रम की ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट को केंद्र सरकार को भी भेजी जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में केंद्र सरकार की समग्र शिक्षा कार्यक्रम के ऑडिट में कई खामियां उजागर हुई है। स्कूलों में न तो मेडिकल किट और न ही अग्निशन सुरक्षा उपकरण मिले। इसके अलावा स्कूलों में सरकार ने कंप्यूटर शिक्षा के लिए सिस्टम तो लगाए हैं, मगर उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
केंद्र सरकार के दिशानिर्देश पर ग्राम्य विकास विभाग के अधीन सामाजिक अंकेक्षण एवं जवाबदेही पारदर्शिता अभिकरण (उसाटा) ने अलग-अलग विकासखंडों में समग्र शिक्षा कार्यक्रम का सोशल ऑडिट किया। 188 स्कूलों में उसाटा की टीम ने जाकर कार्यक्रम के तहत स्कूलों में की गई व्यवस्थाओं को परखा। इसमें कई खामियां भी सामने आई है। ऑडिट में यह भी पाया कि अध्यापकों को स्कूल प्रबंधन अभिभावक समिति के बारे में जानकारी तक नहीं है। कई स्कूलों में शिकायत पेटी तक नहीं मिली है। इसके अलावा स्कूल भवन की स्थिति भी सही नहीं थी। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल में शौचालय तक नहीं बने हैं।
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समग्र शिक्षा कार्यक्रम के तहत स्कूलों में मेडिकल किट होनी चाहिए, जिससे आपात स्थिति में स्कूली बच्चों का तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। अधिकतर स्कूलों में मेडिकल किट नहीं थी, जिन स्कूलों में मेडिकल किट रखी थी, उसमें रखी चिकित्सा सामग्री एक्सपायरी हो चुकी थी। सरकार ने कंप्यूटर शिक्षा के लिए स्कूलों को कंप्यूटर दिए हैं, लेकिन कई स्कूलों में ऑडिट के दौरान पाया गया कि कंप्यूटर सिस्टम धूल फांक रहे हैं। इसके अलावा बिजली की तारें व पंखे भी टूटे मिले। स्कूलों में आपातकालीन सेवा के टोल फ्री नंबर प्रदर्शित नहीं किए गए। विभागीय सूत्रों के अनुसार स्कूलों में किए गए समग्र शिक्षा कार्यक्रम की ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट को केंद्र सरकार को भी भेजी जाएगी।

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