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Dehradun News: केंद्रीय विद्यालय का रास्ता साफ, भूमि हस्तांतरण को सैद्धांतिक मंजूरी
Thu, 06 Aug 2026 10:09 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Thu, 06 Aug 2026 10:09 PM IST
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जौनसार-बावर क्षेत्र के विद्यार्थियों को जल्द ही अपने घर के पास उच्च गुणवत्ता वाली सीबीएसई बोर्ड की शिक्षा का लाभ मिलेगा। साहिया के जड़वाला में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए ग्रामीणों की ओर से दी गई 3.009 हेक्टेयर भूमि को निःशुल्क हस्तांतरित करने को शासन ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय खुलने का रास्ता साफ हो गया है।
संयुक्त सचिव शिवस्वरूप त्रिपाठी ने 30 जुलाई को जिलाधिकारी को भेजे पत्र में माध्यमिक शिक्षा विभाग के नाम दर्ज उक्त भूमि को केंद्रीय विद्यालय संगठन के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित करने की अनुमति जारी की है। यह कार्रवाई छह जनवरी 2009 के शासनादेश के तहत की गई है। अब विद्यालय निर्माण की अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
शासन ने इस भूमि हस्तांतरण के लिए सात शर्तें तय की हैं। इनमें भूमि का किसी धार्मिक, ऐतिहासिक, वन, तालाब, पनघट या अन्य सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी का न होना अनिवार्य है। शर्त के तहत तीन वर्ष के भीतर विद्यालय का निर्माण शुरू न होने या बिना अनुमति किसी अन्य उपयोग में लाने पर भूमि मूल विभाग में वापस निहित हो जाएगी। इसके अलावा, यदि जमीन पर वन संपदा होगी तो उसका भुगतान और आवश्यक अनुमति केंद्रीय विद्यालय संगठन को लेनी होगी।
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भूमि दाता जनक सिंह चौहान, मुन्ना सिंह, सतन सिंह, मोहर सिंह, गोपाल सिंह और भोपाल सिंह ने इस फैसले पर खुशी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय खुलने से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए देहरादून या अन्य शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
जड़वाला में केंद्रीय विद्यालय खोलने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। भूमि हस्तांतरण को सैद्धांतिक मंजूरी मिलना एक बड़ा कदम है, जिसमें क्षेत्रवासियों और भूमि दाताओं का बेहद महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जल्द ही आगे की औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। - भुवनेश्वर प्रसाद जेदली, खंड शिक्षा अधिकारी, कालसी।
संयुक्त सचिव शिवस्वरूप त्रिपाठी ने 30 जुलाई को जिलाधिकारी को भेजे पत्र में माध्यमिक शिक्षा विभाग के नाम दर्ज उक्त भूमि को केंद्रीय विद्यालय संगठन के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित करने की अनुमति जारी की है। यह कार्रवाई छह जनवरी 2009 के शासनादेश के तहत की गई है। अब विद्यालय निर्माण की अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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शासन ने इस भूमि हस्तांतरण के लिए सात शर्तें तय की हैं। इनमें भूमि का किसी धार्मिक, ऐतिहासिक, वन, तालाब, पनघट या अन्य सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी का न होना अनिवार्य है। शर्त के तहत तीन वर्ष के भीतर विद्यालय का निर्माण शुरू न होने या बिना अनुमति किसी अन्य उपयोग में लाने पर भूमि मूल विभाग में वापस निहित हो जाएगी। इसके अलावा, यदि जमीन पर वन संपदा होगी तो उसका भुगतान और आवश्यक अनुमति केंद्रीय विद्यालय संगठन को लेनी होगी।
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भूमि दाता जनक सिंह चौहान, मुन्ना सिंह, सतन सिंह, मोहर सिंह, गोपाल सिंह और भोपाल सिंह ने इस फैसले पर खुशी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय खुलने से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए देहरादून या अन्य शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
जड़वाला में केंद्रीय विद्यालय खोलने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। भूमि हस्तांतरण को सैद्धांतिक मंजूरी मिलना एक बड़ा कदम है, जिसमें क्षेत्रवासियों और भूमि दाताओं का बेहद महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जल्द ही आगे की औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। - भुवनेश्वर प्रसाद जेदली, खंड शिक्षा अधिकारी, कालसी।