Presidential Election 2022: उत्तराखंड में सीएम धामी समेत 67 विधायकों ने किया मतदान
प्रदेश के सभी 70 विधायक मतदान के लिए अधिकृत थे, लेकिन 67 विधायकों ने ही अपने मत का प्रयोग किया। तीन विधायक वोट डालने नहीं पहुंच सके।
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राष्ट्रपति चुनाव में उत्तराखंड से 70 विधायकों में से 67 ने मतदान किया। सरकार में कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास, कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ व राजेंद्र भंडारी वोट देने नहीं पहुंचे। मतदान समाप्ति के बाद मतपेटी को सील बंद कर कड़ी सुरक्षा में विमान से दिल्ली भेज दिया गया है।
सोमवार को विधानसभा भवन के द्वितीय तल में रूम नंबर 321 में सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ। चुनाव के लिए भाजपा की ओर से विधायक खजान दास व अनिल नौटियाल और कांग्रेस की ओर से विधायक ममता राकेश को एजेंट बनाया गया। विधानसभा सचिव एवं सहायक रिटर्निंग आफिसर मुकेश सिंघल की देेखरेख में मतदान हुआ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी 10.15 बजे विधानसभा पहुंच कर मतदान किया। भाजपा विधायकों में मतदान को लेकर काफी उत्साह दिखा लेकिन अस्वस्थ होने के कारण कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास अपना वोट नहीं डाले पाए।
वहीं किच्छा कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ भी अस्वस्थ होने से मतदान करने नहीं पहुंचे। बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भंडारी भी अनुपस्थित रहे। शाम पांच बजे तक भाजपा के 46, कांग्रेस के 17, बसपा के दो और दो निर्दलीय विधायकों ने मतदान किया। भाजपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों ने राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू को समर्थन दिया है।
सबसे पहले कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने डाला वोट
राष्ट्रपति चुनाव में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सबसे पहले वोट डाला। इसके बाद अन्य विधायकों का भी मतदान के लिए पहुंचने शुरू हुए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, संसदीय कार्य मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्य, सौरभ बहुगुणा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद समेत अन्य विधायकों ने वोट डाले।
एनडीए उम्मीदवार की जीत तय, मतदान सिर्फ औपचारिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू की जीत तय है। चुनाव में मतदान सिर्फ औपचारिकता है। भाजपा के विधायकों के साथ बसपा और निर्दलीय विधायकों का भी मुर्मू को समर्थन मिला है। आदिवासी और जनजाति क्षेत्र से संबंध रखने वाली द्रोपदी मुर्मू को भारी समर्थन मिला है।
कांग्रेस विधायकों ने उत्साहपूर्वक राष्ट्रपति चुनाव के मतदान में भाग लिया। विधायक तिलकराज बेहड़ अस्वस्थ होने के कारण वोट डालने नहीं आए जबकि विधायक राजेंद्र भंडारी से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया है लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। पार्टी के 17 विधायकों ने मतदान किया है।
- यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष