Uttarakhand: लहरों से अठखेलियां और आसमान से छलांग का रोमांच, ऋषिकेश में साहसिक पर्यटन को मिल रही नई ऊंचाइयां
ऋषिकेश के साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिल रही है। राफ्टिंग, बंजी जपिंग और जंगल सफारी से ऋषिकेश गुलजार हो रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्वभर में योग, अध्यात्म और गंगा तट की दिव्य आभा के लिए प्रसिद्ध ऋषिकेश अब साहसिक पर्यटन की राजधानी के रूप में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। आध्यात्मिक अनुभव के साथ रोमांच की तलाश में आने वाले पर्यटकों के लिए यह शहर आज देश के सबसे पसंदीदा एडवेंचर डेस्टिनेशन में शामिल हो चुका है।
गंगा की कलकल धारा, हिमालय की गोद और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर ऋषिकेश में हर वर्ष लाखों पर्यटक पहुंच रहे हैं। यहां योग और ध्यान के साथ-साथ राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, कैंपिंग, ट्रैकिंग और जंगल सफारी जैसी साहसिक गतिविधियां पर्यटकों को अनूठा अनुभव प्रदान कर रही हैं।
शहर में अक्तूबर से जून तक चलने वाले रिवर राफ्टिंग सीजन के दौरान प्रतिदिन हजारों पर्यटक गंगा की लहरों पर रोमांच का अनुभव लेने पहुंचते हैं। शिवपुरी, ब्रह्मपुरी, कौड़ियाला और मरीन ड्राइव जैसे राफ्टिंग प्वाइंट देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। वहीं, मोहनचट्टी और शिवपुरी क्षेत्र में संचालित बंजी जंपिंग गतिविधियां भी युवाओं और रोमांच प्रेमियों को आकर्षित कर रहीं हैं।
ऊंचाई से छलांग लगाने का रोमांच अनुभव करने के लिए यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, राजाजी टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई है। नवंबर से जून तक बड़ी संख्या में पर्यटक हाथी, हिरण, तेंदुआ और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के लिए जंगल सफारी का आनंद लेते हैं।
एडवेंचर टूरिज्म हब के लिए सरकार भी प्रयासरत
उत्तराखंड सरकार और पर्यटन विभाग भी ऋषिकेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अभी कुछ माह पूर्व यहां बैराज झील में सी प्लेन के टेक ऑफ व लैंडिंग का सफल ट्रायल किया गया था। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सोशल मीडिया में एक पोस्ट पर कहा था कि ऋषिकेश में वाटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं हैं।
ढाई लाख से अधिक लोग कर चुके बंजी जंपिंग
मोहनचट्टी स्थित जंपिंग हाइट पर अब तक ढाई लाख से अधिक लोग बंजी जंपिंग कर चुके हैं। यह भारत की पहली बंजी जंपिंग साइट हैं। यहां पर पर्यटक करीब 180 मीटर की ऊंचाई से छलांग लगाते हैं। बताया जा रहा है कि यह एशिया की सबसे अधिक ऊंचाई वाली बंजी जंपिंग है।
जंगल सफारी के लिए पहुंचे 50 हजार से अधिक पर्यटक
बीते वर्ष नवंबर माह से इस वर्ष 15 जून तक राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के चारों गेटों में करीब 50 हजार 309 पर्यटकों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया। इसमें 47881 भारतीय और 2428 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। चीला रेंज में 20245 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया है, जिसमें 19139 भारतीय और 1106 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। पार्क प्रशासन को जंगल सफारी से एक करोड़ 28 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 5 लाख रुपये अधिक है।
ये भी पढे़ं...हरिद्वार भूमि घोटाला: 2022 में लिखी गई थी पटकथा, डंपिंग यार्ड से शुरू हुआ खेल, ऐसे खुली भ्रष्टाचार की परतें
- पार्क क्षेत्र के पर्यटन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत इको टूरिज्म और बढ़ती हुई पर्यटकों की संख्या स्थानीय लोगों की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। - कोको रोसे, पार्क निदेशक
- वीकेंड पर 100 से 150 पर्यटक बंजी जंपिंग करते हैं। बंजी जंपिंग के दौरान सुरक्षा के मानकों को पूरा ध्यान रखा जाता है। अब तक हमारी साइट पर ढाई लाख से अधिक पर्यटक बंजी जंपिंग कर चुके हैं। -मंजुल जोशी, मुख्य प्रबंधक, जंपिंग हाइट।