सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Rishikesh-Karnprayag rail line: 99 km of tunnels completed, nine escape tunnels also built, Garhwal MP respond

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: 99 किमी सुरंग तैयार, नौ एस्केप टनल भी बनी, गढ़वाल सांसद ने संसद में दिया जवाब

अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 12 Feb 2026 10:57 PM IST
विज्ञापन
सार

रेल मंत्री वैष्णव ने लोकसभा में सांसद अनिल बलूनी और अजय भट्ट के सवालों का जवाब देते हुए राज्य में रेल विकास का खाका पेश किया।

Rishikesh-Karnprayag rail line: 99 km of tunnels completed, nine escape tunnels also built, Garhwal MP respond
सांसद अनिल बलूनी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की 99 किमी सुरंग तैयार हो चुकी है। वहीं, नौ एस्केप टनल भी बन चुकी हैं। रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि उत्तराखंड का रेल बजट 25 गुना बढ़ चुका है। उन्होंने ये भी बताया कि गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ तक रेल विस्तार का सर्वे भी पूरा हो चुका है।

Trending Videos


रेल मंत्री वैष्णव ने लोकसभा में सांसद अनिल बलूनी और अजय भट्ट के सवालों का जवाब देते हुए राज्य में रेल विकास का खाका पेश किया। बताया कि वर्ष 2009-14 के दौरान उत्तराखंड के लिए औसत रेल बजट 187 करोड़ प्रति वर्ष था, जिसे वर्ष 2025-26 के लिए बढ़ाकर 4,641 करोड़ कर दिया गया है। यह आवंटन पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 25 गुना अधिक है। वर्तमान में राज्य में 40,384 करोड़ की लागत वाली तीन नई रेल लाइनों पर काम चल रहा है, जिसमें से मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड: बड़ी राहत, लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण पर लगी सुप्रीम रोक हटी, 18 गांवों को होगा फायदा

रेलमंत्री ने बताया कि 125 किमी लंबे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट का अधिकांश हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा। अब तक 104 किमी मुख्य सुरंगों में से 99 किमी और 12 एस्केप टनल में से नौ टनल का काम पूरा हो चुका है। प्रोजेक्ट में कुल 19 बड़े पुलों का निर्माण होना है, जिनमें से आठ पुल पूरे हो चुके हैं और शेष पर काम जारी है। यह लाइन देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों को जोड़ते हुए देवप्रयाग और कर्णप्रयाग जैसे धार्मिक स्थलों को सीधे राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ेगी।

रेल मंत्री ने यह भी बताया कि गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ तक रेल विस्तार के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, हिमालयी क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भूकंपीय संवेदनशीलता के कारण इन परियोजनाओं में विशेष तकनीकी सावधानी बरती जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed