सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Rudraprayag: Allegations of Negligence in Retrieving Body from Madmaheshwar DDRF and Forest Department argue

Rudraprayag: मद्महेश्वर से शव लाने में लापरवाही का आरोप, डीडीआरएफ व वन विभाग आमने-सामने, बीच रास्ते में छोड़ा

संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: Alka Tyagi Updated Mon, 25 May 2026 07:48 PM IST
विज्ञापन
सार

आरोप है कि डीडीआरएफ टीम शव बीच रास्ते में छोड़कर वापस लौट गई, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों और श्रमिकों ने शव को रांसी मोटर मार्ग तक पहुंचाया।

Rudraprayag: Allegations of Negligence in Retrieving Body from Madmaheshwar DDRF and Forest Department argue
मद्महेश्वर से शव लाने में लापरवाही का आरोप - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार

मद्महेश्वर यात्रा के दौरान बीते शनिवार एक श्रद्धालु की मौत के बाद शव लाने के मामले में डीडीआरएफ और वन विभाग के बीच समन्वय की कमी सामने आई है। वन विभाग का आरोप है कि डीडीआरएफ टीम शव बीच रास्ते में छोड़कर वापस लौट गई, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों और श्रमिकों ने शव को रांसी मोटर मार्ग तक पहुंचाया।



वन क्षेत्राधिकारी विमल कुमार भट्ट ने बताया कि शनिवार को मद्महेश्वर में रविंद्र प्रभाकर (50) की मृत्यु हो गई थी। शव को मद्महेश्वर से मोटर मार्ग तक लाने के लिए वह 24 मई को सुबह गौण्डार पहुंचे। इसी दौरान एक अन्य तीर्थयात्री संजय कुमार निवासी लखनऊ, उत्तर प्रदेश की मृत्यु की सूचना भी प्राप्त हुई, जिसके बाद प्राथमिकता के आधार पर चार श्रमिकों की व्यवस्था कर एक शव को मोटर मार्ग तक लाया गया। उन्होंने बताया कि तब मद्महेश्वर में मृत दूसरे शव को मोटर मार्ग तक लाने के लिए तीन श्रमिकों को डीडीआरएफ टीम के साथ भेजा गया। टीम शव को करीब आठ किलोमीटर नीचे खडारा तक लेकर आई।
विज्ञापन
विज्ञापन


Chamoli: केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के जंगलों में भीषण आग से धुआं ही धुआं, वन कर्मी आग बुझाने में जुटे
विज्ञापन


आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद डीडीआरएफ टीम ने स्ट्रेचर की रस्सियां निकालकर शव को वहीं छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि बिना किसी सूचना के डीडीआरएफ की टीम वापस लौट गई। तब बाद वन कर्मियों और श्रमिकों की मदद से संसाधनों के अभाव के बीच शव को खंडारा से करीब सवा सात किलोमीटर रांसी-अखतोली मोटर मार्ग तक लाया गया। जहां से सोमवार सुबह करीब पांच बजे एंबुलेंस के माध्यम से शव को जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया। मामले ने विभागों के बीच आपसी समन्वय और आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि डीडीआरएफ और वन विभाग में समन्वय न होने के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो इसके लिए टीम को निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed