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Dehradun News: दुर्लभ बीमारियों से ग्रस्त बच्चों के इलाज का खर्च उठाएगा जिला प्रशासन
Sun, 19 Jul 2026 02:13 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:13 AM IST
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जिले में दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के उपचार में आर्थिक तंगी बाधा नहीं बनेगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत मिलने वाली सहायता से अधिक खर्च होने पर शेष धनराशि जिला प्रशासन राइफल क्लब फंड से उपलब्ध कराएगा। जिला प्रशासन ने ऐसे 16 बच्चों को चिह्नित किया है।
इस संबंध में जिलाधिकारी ने शनिवार को दुर्लभ बीमारियों से ग्रस्त बच्चों के चिह्नीकरण, उपचार, रेफरल और आर्थिक सहायता की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक 16 बच्चों की पहचान विभिन्न दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित के रूप में की गई है। इन बच्चों का उपचार देश के विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों में प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों का इलाज लंबा और अत्यधिक खर्चीला होता है। इसलिए निरंतर आर्थिक सहयोग की आवश्यकता रहती है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपचार से जुड़ी सभी औपचारिकताएं, आवश्यक दस्तावेज, अनुमोदन और रेफरल की प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाएं। किसी भी बच्चे के इलाज में देरी न हो। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने को कहा, ताकि किसी भी बच्चे के उपचार में प्रशासनिक या वित्तीय बाधा पैदा न हो। बैठक में एडीएम केके मिश्रा, सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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इस संबंध में जिलाधिकारी ने शनिवार को दुर्लभ बीमारियों से ग्रस्त बच्चों के चिह्नीकरण, उपचार, रेफरल और आर्थिक सहायता की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक 16 बच्चों की पहचान विभिन्न दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित के रूप में की गई है। इन बच्चों का उपचार देश के विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों में प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों का इलाज लंबा और अत्यधिक खर्चीला होता है। इसलिए निरंतर आर्थिक सहयोग की आवश्यकता रहती है।
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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपचार से जुड़ी सभी औपचारिकताएं, आवश्यक दस्तावेज, अनुमोदन और रेफरल की प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाएं। किसी भी बच्चे के इलाज में देरी न हो। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने को कहा, ताकि किसी भी बच्चे के उपचार में प्रशासनिक या वित्तीय बाधा पैदा न हो। बैठक में एडीएम केके मिश्रा, सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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