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Dehradun News: ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्य समिति में बिजली निजीकरण पर होगी चर्चा
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- 18 राज्यों से विद्युत अभियंता संघों के अध्यक्ष, महासचिव समेत अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
देहारादून। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यसमिति की रविवार को देहरादून में बैठक होगी। इसमें बजट सत्र में लाए जा रहे इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल-2025 और बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।
उत्तरांचल पॉवर इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष युद्धवीर तोमर और महासचिव राहुल चानना ने बताया कि बैठक में आगे की रणनीति पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। कार्यसमिति में फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे व सेक्रेटरी पी रत्नाकर राव मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में देश के लगभग 18 राज्यों से विद्युत अभियंता संघों के अध्यक्ष, महासचिव तथा अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे। बताया कि 10 मार्च को संसद में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पेश किए जाने की सूचना से पूरे प्रदेश के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों में भारी आक्रोश है। बैठक में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 तथा प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 के विरोध में एक सशक्त प्रस्ताव पारित किया जाएगा। फेडरेशन का मानना है कि इन नीतियों के माध्यम से देश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे बिजली उपभोक्ताओं, किसानों, कर्मचारियों और इंजीनियरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए इस विषय पर व्यापक राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहारादून। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यसमिति की रविवार को देहरादून में बैठक होगी। इसमें बजट सत्र में लाए जा रहे इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल-2025 और बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।
उत्तरांचल पॉवर इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष युद्धवीर तोमर और महासचिव राहुल चानना ने बताया कि बैठक में आगे की रणनीति पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। कार्यसमिति में फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे व सेक्रेटरी पी रत्नाकर राव मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में देश के लगभग 18 राज्यों से विद्युत अभियंता संघों के अध्यक्ष, महासचिव तथा अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे। बताया कि 10 मार्च को संसद में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पेश किए जाने की सूचना से पूरे प्रदेश के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों में भारी आक्रोश है। बैठक में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 तथा प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 के विरोध में एक सशक्त प्रस्ताव पारित किया जाएगा। फेडरेशन का मानना है कि इन नीतियों के माध्यम से देश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे बिजली उपभोक्ताओं, किसानों, कर्मचारियों और इंजीनियरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए इस विषय पर व्यापक राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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