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Dehradun News: स्कूल पर लगाया छात्रा को जबरन टीसी देने का आरोप
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बेवर्ली हिल्स शालिनी स्कूल, सहस्रधारा रोड प्रबंधन पर एक छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और जबरन ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में छात्रा के पिता ने खंड शिक्षा अधिकारी, रायपुर को लिखित शिकायत दी है। वहीं, विभाग की ओर से स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर छात्रा को परीक्षा में बैठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शिकायत सही पाई गई तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छात्रा के पिता की ओर से विभाग को दी गई शिकायत में कहा गया है कि छात्रा सत्र 2025-26 में कक्षा 11वीं में अध्ययनरत थी। बीते नवंबर को मोबाइल फोन से संबंधित शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन ने छात्रा और उसके परिजनों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। अभिभावकों से कथित तौर पर माफी मंगवाई गई और भविष्य में ऐसी गलती न होने का आश्वासन भी लिया गया। आरोप है कि इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को डराने-धमकाने के उद्देश्य से टीसी का आवेदन भरवा लिया और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। साथ ही छात्रा को करीब 20 दिनों तक स्कूल न आने के लिए कहा गया।
जब अभिभावकों ने पुनः छात्रा को स्कूल भेजने के लिए संपर्क किया तो प्रबंधन ने 11वीं की परीक्षा दिलाने से इन्कार करते हुए परीक्षा के बाद टीसी जारी करने की बात कही। अभिभावकों ने कहा कि बीती नौ फरवरी को जब टीसी दी गई तो उसका विरोध करने पर स्कूल प्रबंधन ने लेने से मना कर दिया और यह भी आरोप लगाया गया कि टीसी आवेदन फॉर्म नाबालिग छात्रा से भरवाया गया, जबकि कुछ प्रविष्टियां स्कूल प्रबंधन की ओर से स्वयं की गईं। अभिभावकों ने कहा कि नवंबर के अंत से छात्रा घर पर ही है, जिससे उसकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है और उसके मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
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Iस्कूल प्रबंधन को नोटिस भेज छात्रा को तत्काल विद्यालय बुलाकर परीक्षा में बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शिकायत की जांच की जा रही है। अगर शिकायत सही मिली तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आरटीई नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। - हेमलता गौड़ उनियाल, खंड शिक्षा अधिकारी, रायपुर ब्लॉकI
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छात्रा के पिता की ओर से विभाग को दी गई शिकायत में कहा गया है कि छात्रा सत्र 2025-26 में कक्षा 11वीं में अध्ययनरत थी। बीते नवंबर को मोबाइल फोन से संबंधित शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन ने छात्रा और उसके परिजनों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। अभिभावकों से कथित तौर पर माफी मंगवाई गई और भविष्य में ऐसी गलती न होने का आश्वासन भी लिया गया। आरोप है कि इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को डराने-धमकाने के उद्देश्य से टीसी का आवेदन भरवा लिया और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। साथ ही छात्रा को करीब 20 दिनों तक स्कूल न आने के लिए कहा गया।
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जब अभिभावकों ने पुनः छात्रा को स्कूल भेजने के लिए संपर्क किया तो प्रबंधन ने 11वीं की परीक्षा दिलाने से इन्कार करते हुए परीक्षा के बाद टीसी जारी करने की बात कही। अभिभावकों ने कहा कि बीती नौ फरवरी को जब टीसी दी गई तो उसका विरोध करने पर स्कूल प्रबंधन ने लेने से मना कर दिया और यह भी आरोप लगाया गया कि टीसी आवेदन फॉर्म नाबालिग छात्रा से भरवाया गया, जबकि कुछ प्रविष्टियां स्कूल प्रबंधन की ओर से स्वयं की गईं। अभिभावकों ने कहा कि नवंबर के अंत से छात्रा घर पर ही है, जिससे उसकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है और उसके मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
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Iस्कूल प्रबंधन को नोटिस भेज छात्रा को तत्काल विद्यालय बुलाकर परीक्षा में बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शिकायत की जांच की जा रही है। अगर शिकायत सही मिली तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आरटीई नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। - हेमलता गौड़ उनियाल, खंड शिक्षा अधिकारी, रायपुर ब्लॉकI