{"_id":"6a74f7cd2973cdb9070c5a3d","slug":"there-is-no-one-to-listen-a-lock-has-been-slapped-on-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1089-1036414-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: कोई नहीं सुनने वाला, जड़ दिया ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: कोई नहीं सुनने वाला, जड़ दिया ताला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) में दृष्टिबाधित छात्रों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। संस्थान में निदेशक की स्थाई नियुक्ति और लैपटॉप समेत आठ सूत्री मांगें पूरी न होने से गुस्साए छात्रों ने बृहस्पतिवार को संस्थान में ताला जड़ दिया। गुस्साए छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द मांगें पूरी नहीं की गई तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
सुबह कक्षाओं से निकल प्रदर्शनकारी छात्र नारेबाजी करते हुए प्राचार्य कार्यालय से निदेशक कार्यालय तक पहुंचे। छात्रों ने कहा कि वे पिछले चार वर्षों से लगातार अपनी समस्याओं को उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। बताया कि उनकी सबसे प्रमुख मांग संस्थान में स्थाई निदेशक की नियुक्ति है। लंबे समय से नियमित निदेशक न होने की वजह से कई प्रशासनिक और शैक्षणिक निर्णय प्रभावित हो रहे हैं।
इसके अलावा उच्च शिक्षा के लिए संस्थान की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता को दोबारा शुरू करने और कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों को लैपटॉप उपलब्ध कराने की भी मांग की जा रही है। छात्रों का कहना है कि संस्थान में शिक्षा, छात्रावास, खेल और चिकित्सा सुविधाओं में भी कई कमियां हैं। उन्होंने ग्लोबल आईटी चैलेंज और संगीत प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक वर्ष विश्व दिव्यांगता दिवस और लुई ब्रेल दिवस पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की भी मांग की।
विज्ञापन
-- -- -
छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्थान पूरी तरह प्रतिबंध है। बृहस्पतिवार को संस्थान के निदेशक प्रदीप अनिरुद्ध ने छात्रों से ऑनलाइन वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को वह दून आ रहे हैं और विस्तार से उनकी मांगों पर चर्चा कर सकारात्मक फैसले लेंगे। रही बात लैपटॉप की तो 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय की ओर से स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे। छात्रों से अपील की गई है कि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। उनकी सुविधा के लिए हर संभव कार्य किए जाएंगे। - अमित शर्मा, प्रधानाचार्य, आदर्श विद्यालय, एनआईईपीवीडी
विज्ञापन
सुबह कक्षाओं से निकल प्रदर्शनकारी छात्र नारेबाजी करते हुए प्राचार्य कार्यालय से निदेशक कार्यालय तक पहुंचे। छात्रों ने कहा कि वे पिछले चार वर्षों से लगातार अपनी समस्याओं को उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। बताया कि उनकी सबसे प्रमुख मांग संस्थान में स्थाई निदेशक की नियुक्ति है। लंबे समय से नियमित निदेशक न होने की वजह से कई प्रशासनिक और शैक्षणिक निर्णय प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा उच्च शिक्षा के लिए संस्थान की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता को दोबारा शुरू करने और कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों को लैपटॉप उपलब्ध कराने की भी मांग की जा रही है। छात्रों का कहना है कि संस्थान में शिक्षा, छात्रावास, खेल और चिकित्सा सुविधाओं में भी कई कमियां हैं। उन्होंने ग्लोबल आईटी चैलेंज और संगीत प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक वर्ष विश्व दिव्यांगता दिवस और लुई ब्रेल दिवस पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की भी मांग की।
विज्ञापन
छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्थान पूरी तरह प्रतिबंध है। बृहस्पतिवार को संस्थान के निदेशक प्रदीप अनिरुद्ध ने छात्रों से ऑनलाइन वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को वह दून आ रहे हैं और विस्तार से उनकी मांगों पर चर्चा कर सकारात्मक फैसले लेंगे। रही बात लैपटॉप की तो 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय की ओर से स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे। छात्रों से अपील की गई है कि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। उनकी सुविधा के लिए हर संभव कार्य किए जाएंगे। - अमित शर्मा, प्रधानाचार्य, आदर्श विद्यालय, एनआईईपीवीडी