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Dehradun News: वनाग्नि नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे पुरस्कृत
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वन मंत्री बाेले -जनसहभागिता से जंगल की आग पर पाया जा सकता नियंत्रण
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश में वनाग्नि नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। वन महकमा समूह और व्यक्तिगत स्तर पर किए गए प्रयासों पर पुरस्कृत करेगा। इसके अलावा तीन वन कर्मियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें पहला पुरस्कार एक लाख, द्वितीय 75 हजार और तीसरा 50 हजार का होगा। कार्यक्रम हर जिले में फायर सीजन पूरा होने के बाद होगा।
यह जानकारी वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि जंगल की आग पर नियंत्रण करने में जन सहभागिता बेहद जरूरी है। कहा कि जंगल की आग के नियंत्रण के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं। नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण को लेकर 41 वन प्रभागों में मॉक ड्रिल करने से लेकर जागरूकता कार्यक्रम किए गए हैं।
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जड़धारी गांव का मॉडल अपनाया जाएगा
वन मंत्री उनियाल ने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण में शीतलाखेत मॉडल बेहतर रहा है। पर्यावरणविद् विजय जड़धारी ने भी जड़धारी मॉडल को तैयार किया है, इसको भी प्रदेश में लागू किया जाएगा। वन मंत्री ने प्रेस वार्ता में कई नसीहत भी दीं। उन्होंने कहा कि घटना के समय रील बनाने से ज्यादा आग नियंत्रण में सहयोग किया जाए तो अच्छा होगा। घटना के वास्तविक कारणों का जानने का भी प्रयास किया जाना चाहिए। बताया कि जंगल की आग के एफएसआई के जो फायर अलर्ट आते हैं, उसमें केवल 14 प्रतिशत ही जंगल की आग से जुड़े होते हैं। प्रेस वार्ता में प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश में वनाग्नि नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। वन महकमा समूह और व्यक्तिगत स्तर पर किए गए प्रयासों पर पुरस्कृत करेगा। इसके अलावा तीन वन कर्मियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें पहला पुरस्कार एक लाख, द्वितीय 75 हजार और तीसरा 50 हजार का होगा। कार्यक्रम हर जिले में फायर सीजन पूरा होने के बाद होगा।
यह जानकारी वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि जंगल की आग पर नियंत्रण करने में जन सहभागिता बेहद जरूरी है। कहा कि जंगल की आग के नियंत्रण के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं। नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण को लेकर 41 वन प्रभागों में मॉक ड्रिल करने से लेकर जागरूकता कार्यक्रम किए गए हैं।
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जड़धारी गांव का मॉडल अपनाया जाएगा
वन मंत्री उनियाल ने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण में शीतलाखेत मॉडल बेहतर रहा है। पर्यावरणविद् विजय जड़धारी ने भी जड़धारी मॉडल को तैयार किया है, इसको भी प्रदेश में लागू किया जाएगा। वन मंत्री ने प्रेस वार्ता में कई नसीहत भी दीं। उन्होंने कहा कि घटना के समय रील बनाने से ज्यादा आग नियंत्रण में सहयोग किया जाए तो अच्छा होगा। घटना के वास्तविक कारणों का जानने का भी प्रयास किया जाना चाहिए। बताया कि जंगल की आग के एफएसआई के जो फायर अलर्ट आते हैं, उसमें केवल 14 प्रतिशत ही जंगल की आग से जुड़े होते हैं। प्रेस वार्ता में प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा व अन्य अधिकारी मौजूद थे।