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Dehradun News: भू-स्खलन से सात घंटे थमे रहे वाहन, यमुना ने भी छुई खतरे की रेखा

Sun, 19 Jul 2026 01:29 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Updated Sun, 19 Jul 2026 01:29 AM IST
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Torrential rains in the district's hilly areas have disrupted normal life.
जनपद के पहाड़ी क्षेत्रों में जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जगह-जगह हो रहे भूस्खलन के कारण कालसी-चकराता मार्ग समेत कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उधर, जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी भी खतरे के निशान पर पहुंच गई है, जिससे प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर स्थित संवेदनशील बिंदु जजरेड एक बार फिर मुसीबत का सबब बना। शुक्रवार-शनिवार रात पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। मार्ग अवरुद्ध होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मलबे के कारण सड़क पर सात घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची लोक निर्माण विभाग की टीम ने मशीनों की मदद से मलबा हटाया और यातायात सुचारू कराया। हालांकि, रुक-रुक कर गिर रहे पत्थरों के चलते यहां खतरा बरकरार है।
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चार मार्ग अभी भी बंद
क्षेत्र में बारिश के कारण कई अन्य सड़कें भी आवाजाही के लिए बंद हैं। पीएमजीएसवाई कालसी के तहत आने वाला ''''कोठा बैंड से सैंज चंदेऊ'''' और ''''लाखामंडल-नाड़ा'''' मोटर मार्ग भूस्खलन की भेंट चढ़ गया। इसके अलावा लोनिवि अस्थाई खंड साहिया के अंतर्गत ''''नेरना-लोरली-अस्टाड़-मंगरोली-चकराता'''' मार्ग और ''''शहीद सुरेश तोमर गास्की'''' मार्ग भी बंद पड़े हैं।
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यमुना के जलस्तर ने बढ़ाई चिंता
पहाड़ों में बारिश का असर मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। डाकपत्थर बैराज के पास यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान (455.37 मीटर) को छू गया। वहीं, टौंस नदी का जलस्तर 642.00 मीटर दर्ज किया गया। जल प्रबंधन के तहत डाकपत्थर बैराज से 203.22 क्यूसेक और इच्छाड़ी बांध से 213.15 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।


बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनें युद्धस्तर पर तैनात हैं। जजरेड में भी विशेष रूप से मशीनें लगाई गई हैं। जल्द ही यातायात पूरी तरह सामान्य कर दिया जाएगा। - अनुज भारद्वाज, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (अस्थाई खंड साहिया)
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