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Uttarakhand: कोटद्वार में बना यूएवी लेता है दुश्मन की टोह, लकड़ी से होता है तैयार, यहां बना आकर्षण का केंद्र

अंकित यादव,संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 09 Feb 2026 01:09 PM IST
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सार

उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में यूएवी की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी। हर वर्ष 10 से 15 यूएवी की आपूर्ति वायु सेना को जा रही है।

UAV Unmanned Aerial Vehicle manufactured in Kotdwar used to secure country borders made of wood Uttarakhand
कोटद्वार में बना यूएवी (अनमैंड एरियल व्हीकल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कोटद्वार में बना यूएवी (अनमैंड एरियल व्हीकल) देश की सीमाओं की सुरक्षा में लगे हैं। खास तरह की हल्की लकड़ी से बना ये यूएवी वायु सेना में अपना एक विशेष स्थान रखते हैं। ये यूएवी न सिर्फ दुश्मन की टोह लेते हैं बल्कि जरूरत पड़ने पर उनके ठिकानों पर हमला करने में भी सक्षम हैं।

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क्रॉसविंड सॉल्यूशन नाम की कंपनी इनका निर्माण करती है और हर वर्ष 10 से 15 यूएवी की आपुर्ति वायुसेना को की जाती है। देहरादून में चल रहे उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में इस कंपनी का स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यूएवी बनाने के लिए मुख्य रूप से बालसा लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है। बालसा नाम की लकड़ी की आपूर्ति पड़ोसी देश चीन से होती है। ऐसे में हर वर्ष चीन से एक, दो, तीन और चार मिलीमीटर की अलग-अलग प्रकार की करीब पांच हजार सीटों की आपूर्ति की जा रही है।

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यूएवी ड्रोन रोकने में भी सक्षम
क्रॉसविंड सॉल्यूशन के प्रबंध निदेशक और एयरोस्पेस ट्रेनर विनोद कुमार के मुताबिक बालसा लकड़ी से यूएवी का ढांचा तैयार किया जाता है। कीमत के हिसाब से एक यूएवी में बालसा लकड़ी का 30 से 35 प्रतिशत इस्तेमाल किया जाता है। यह लकड़ी बेहद हल्की और मजबूत होती है। शेष 70 प्रतिशत में इंजन, सर्वाे मोटर, ट्रांसमीटर, रिसीवर, बैटरी, ईंधन और हॉर्न लगाया जाता है।

इसमें ग्लो ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है जो मीथेन और कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल) से मिलकर बनाया जाता है। वायुसेना में इस्तेमाल किए जाने वाला यूएवी पांच से 15 फीट तक का होता है। यह यूएवी पांच से छह किलोमीटर तक जाने में सक्षम है। इनमें मिसाइल और बम रखकर दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। ये यूएवी ड्रोन रोकने में भी सक्षम हैं।

बालसा लकड़ी की एक सीट की कीमत

एक मिलीमीटर की सीट - 195 रुपये

दो मिलीमीटर की सीट - 240 रुपये

तीन मिलीमीटर की सीट - 300 रुपये

चार मिलीमीटर की सीट - 400 रुपये

बालसा लकड़ी की विशेषता

बालसा लकड़ी की पहचान हल्की लकड़ी के रूप में भी होती है। यह अपने असाधारण हल्केपन और मजबूती के लिए प्रसिद्ध है। इसका इस्तेमाल एयरक्राफ्ट और क्राफ्ट बनाने में किया जाता है। चीन उच्च गुणवत्ता वाली बालसा लकड़ी का आपूर्तिकर्ता है।

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सेना को दिया जाता है फ्लाइंग प्रशिक्षण

एयरोस्पेस ट्रेनर विनोद कुमार बताते हैं कि वायु सेना के अधिकारियों को यूएवी का फ्लाइंग प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसमें यूएवी लैंडिंग और टेक ऑफ के बारे में बताया जाता है। साथ इसमें तकनीकी खराबी आने पर कम समय में इसे कैसे सही किया जाएगा यह भी बताया जाता है। इतना ही नहीं यूएवी के सभी पुर्जों की बारीक जानकारी भी दी जाती है।

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