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उत्तराखंड: 27 जनवरी को UCC लागू हुए होगा एक वर्ष, सीएम धामी बोले-जनता में सकारात्मक माहौल

अमर उजाला न्यूज डेस्क, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 16 Jan 2026 01:47 PM IST
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सार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का संकल्प लिया था और पार्टी के सत्ता में आने पर उन्होंने यह संकल्प पूरा किया।  27 जनवरी को यूसीसी कानून लागू हुए एक वर्ष हो जाएगा।

UCC Uttarakhand it will be one year since implemented On January 27th CM Dhami said public reaction positive
सीएम धामी - फोटो : सूचना
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विस्तार
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उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 को यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हुआ था। यूसीसी लागू हुए एक वर्ष पूरे होने वाला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी को लेकर जनता में सकारात्मक माहौल है। कहा कि पंजीकरण के लिए नागरिक तेजी से आगे आ रहे हैं। कानून में नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी है।

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समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद उत्तराखंड में विवाह पंजीकरण में 24 गुना बढ़ोतरी हुई है। यूसीसी से लोगों में विवाह पंजीकरण कराने के लिए जागरूकता बढ़ी है। सीएम धामी ने पहली कैबिनेट बैठक में ही राज्य में यूसीसी लागू करने का फैसला किया था। सभी औपचारिकताएं और जनमत संग्रह करने के बाद प्रदेश में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी कानून लागू कर दिया गया।

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मुख्यमंत्री का यह ऐतिहासिक फैसला सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और समान अधिकारों की दिशा में उठाया गया साहसिक कदम था। यह कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है और इसका उद्देश्य हर वर्ग या समुदाय के सभी नागरिकों खास तौर से महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान प्रदान करना है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव इन रिलेशनशिप और इनसे जुड़े मुद्दों को यूसीसी में शामिल किया गया है।

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विवाह पंजीकरण में आई तेजी
इस कानून में जहां महिला व पुरुषों के लिए विवाह की उम्र निर्धारित कर दी गई है। वहीं सभी धर्मों में तलाक और दूसरी प्रक्रिया के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। इस कानून के लागू होने से महिलाओं को बहुविवाह व हलाला जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति मिली है। यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण में तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार राज्य में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू होने बाद जुलाई 25 तक यानी छह माह की अवधि में विवाह पंजीकरण की संख्या तीन लाख से अधिक पहुंच गई है, जबकि वर्ष 2010 में लागू पुराने एक्ट के तहत 26 जनवरी 2025 तक कुल 3.30 लाख से अधिक विवाह पंजीकरण हुए थे। प्रतिदिन का औसत देखा जाए तो पुराने एक्ट के अनुसार प्रतिदिन विवाह पंजीकरण की औसत संख्या मात्र 67 थी, जो यूसीसी लागू होने बाद 1634 पहुंच गई है।
 
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