Uttarakhand News: धनराशि दोगुनी, अब हर साल बनेंगे 487 पंचायत भवन, पिछले दो साल से रुका था निर्माण
धामी कैबिनेट ने प्रदेश में पंचायत घरों के निर्माण को लेकर धामी कैबिनेट में अहम फैसला लिया गया। अब हर साल 487 पंचायत भवन बनेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धामी कैबिनेट ने प्रदेश में पंचायत घरों के निर्माण के लिए धनराशि दोगुनी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से राज्य में हर साल 487 नए पंचायत घरों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पिछले दो साल से अपर्याप्त धनराशि की वजह से इन भवनों का निर्माण रुका हुआ था।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सरकार के इस निर्णय से वर्ष 2030 तक कुल 1953 पंचायत घरों का निर्माण संभव हो सकेगा। इससे प्रदेश की शत प्रतिशत पंचायतों में अपने पंचायत भवन उपलब्ध होंगे। वर्तमान में राज्य की 7817 ग्राम पंचायतों में से 819 ग्राम पंचायतें पंचायत भवन विहीन हैं। इसके अलावा, 1134 पंचायत भवन क्षतिग्रस्त हैं जिनका पुनर्निर्माण किया जाना है। पहले प्रति पंचायत घर के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये दिए जा रहे थे। यह धनराशि निर्माण लागत के लिए अपर्याप्त साबित हो रही थी।
1370 पंचायत घरों को है मरम्मत की जरूरत
राज्य में कुल 7817 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 5867 पंचायत भवन क्रियाशील स्थिति में हैं। 1370 पंचायत भवनों को मरम्मत की आवश्यकता है। जबकि 819 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिनके पास अपना पंचायत भवन नहीं है। इसके अलावा 382 ग्राम पंचायतों के पास भूमि उपलब्ध है, जहां नए भवन बनाए जा सकते हैं।
निर्माण की धनराशि बढ़ने से शत प्रतिशत पंचायतों में पंचायत घर बन सकेंगे। सरकार का लक्ष्य अगले चार साल में सभी पंचायतों को अपने भवन उपलब्ध कराना है। -डॉ.पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव पंचायतीराज