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आयुष्मान योजना का दायरा बढ़ा, सरकारी कर्मचारियों को असीमित धनराशि का मेडिकल कवर

Sat, 29 Feb 2020 03:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 29 Feb 2020 03:00 AM IST
सार

  • उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी: रेफर करवाने की व्यवस्था खत्म, बनेगा कॉल सेंटर 

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Uttarakhand cabinet decision: Government Employees get Unlimited Medical cover in Ayushman Yojana
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड सरकार ने राज्य अटल आयुष्मान योजना का दायरा बढ़ा दिया है। प्रदेश के चार लाख सरकारी कर्मचारियों को योजना के अधीन लाया गया है। मामूली शुल्क देकर सरकार कर्मचारी, पेंशनर और उनके परिजन असीमित धनराशि के मेडिकल कवर के दायरे में आएंगे। यही नहीं, अन्य गोल्डन कार्ड धारक भी देश में कहीं भी पांच लाख रुपये तक का निशुल्क कैशलेस इलाज करवा सकेंगे।

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में 14 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। सूत्रों के अनुसार आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पताल से रेफर करवाने की व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया है।
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अब मरीज सरकारी और गैर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के साथ एनएबीएच (नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हास्पिटल्स एंड हेल्थ केयर) से मान्य अस्पतालों में सीधे जाकर इलाज करवा सकेगा। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए कर्मचारियों के अंश को एकसमान कर दिया गया है। 

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ओपीडी का नकद भुगतान, आईपीडी कैशलेस

त्रिवेंद्र सरकार ने प्रदेश के तीन लाख कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को अटल आयुष्मान योजना अनलिमिटेड कैशलेस इलाज की सुविधा दे दी है। ओपीडी इलाज के खर्च का कर्मचारियों को नकद भुगतान किया जाएगा। वहीं आईपीडी इलाज में कैशलेस की सुविधा मिलेगी। एक अप्रैल से कर्मचारियों के लिए यह स्कीम शुरू होगी। कर्मचारियों, पेंशनरों व उनके आश्रितों के लिए 15 लाख गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे। 

अटल आयुष्मान योजना में अनलिमिटेड कैशलेस इलाज के लिए कर्मचारियों व पेंशनरों को प्रतिमाह के हिसाब से प्रीमियम देना होगा। इसके लिए सरकार ने पे स्केल के आधार पर केंद्रीय हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) की तरह प्रीमियम की दरें निर्धारित की है। पेंशनरों के लिए वन टाइम प्रीमियम जमा करने का विकल्प भी दिया है।

कर्मचारियों व पेंशनरों के गोल्डन कार्ड आल इंडिया पोर्टेबिलिटी होने से देश के किसी भी पंजीकृत अस्पताल में इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए रेफर की शर्त नहीं रहेगी। ओपीडी में इलाज कराने के लिए कर्मचारियों को पैसा देना पड़ेगा। मेडिकल बिल विभाग से मंजूर कराने के बाद राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से कर्मचारियों को भुगतान किया जाएगा। 

निगम और बोर्ड कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
सरकारी क्षेत्र के निगम व बोर्डों में कार्यरत 40 हजार से अधिक कर्मचारियों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। पहले निगम व बोर्ड को प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजना होगा। लंबे समय से निगम के कर्मचारी राजकीय सेवा के कर्मचारियों की तर्ज पर कैशलेस की सुविधा देने की मांग कर रहे थे। 

पति-पत्नी दोनों सर्विस कर रहे हैं तो एक को देना पड़ेगा प्रीमियम
सरकारी सेवा में पति-पत्नी दोनों कार्यरत हैं तो एक से ही प्रीमियम लिया जाएगा। वहीं, कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए एक समान प्रीमियम की दरें लागू होंगी। 

सरकारी अस्पतालों को होगा पूरा भुगतान
आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड पर मरीजों का इलाज करने पर सरकारी अस्पतालों को 50 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। प्राइवेट हास्पिटल को इलाज का पूरा पैसा दिया जाता है, अब सरकारी अस्पतालों को इलाज पैकेज का पूरा पैसा दिया जाएगा। रेडियोलॉजिस्ट को भी 15 प्रतिशत प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की है। 

मेडिकल कालेज और एनएएचबी मान्य प्राप्त अस्पतालों में रेफर व्यवस्था खत्म
केंद्र व राज्य सरकार की अटल आयुष्मान योजना को मर्ज किया है। प्रदेश के सरकारी व प्राइवेट मेडिकल कालेजों के साथ राष्ट्रीय हेल्थ एवं केयर बोर्ड से मान्यता प्राप्त अस्पतालों में गोल्डन कार्ड मरीज सीधे इलाज करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें रेफर होने की शर्त नहीं रहेगी। प्रदेश के गोल्डन कार्ड केंद्र योजना से जुड़ जाने से देश के किसी भी पंजीकृत अस्पताल में पांच लाख तक सीमा तक इलाज करा सकेंगे। 
 
प्रदेश में 38 लाख से अधिक लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बने
सरकार ने 25 दिसंबर, 2019 को अटल आयुष्मान योजना शुरू की थी। योजना में अब तक 38 लाख से अधिक लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। 1.23 लाख मरीजों का योजना में इलाज किया। इस पर 116 करोड़ का भुगतान अस्पतालों को किया गया। 

पदों की श्रेणी के अनुसार कर्मचारियों व पेंशनरों का प्रतिमाह अशंदान

स्तर                                 अंशदान रुपये में
1 से 5 स्तर (चतुर्थ श्रेणी)        250
6 स्तर (तृतीय श्रेणी)                450
6 से 11 श्रेणी(द्वितीय श्रेणी)        650
12 से श्रेणी से ऊपर (अधिकारी) 1000

आयुष्मान योजना में जिलावार बने गोल्डन कार्ड की संख्या
जिला             गोल्डन कार्ड धारक
अल्मोड़ा            205900
बागेश्वर            89177
चमोली            154889
चंपावत            82191
देहरादून            810202
हरिद्वार            623545
नैनीताल         344551
पौड़ी                260175
पिथौरागढ़        158311
रुद्रप्रयाग         92194
टिहरी            258471
ऊधमसिंह नगर    602697
उत्तरकाशी         145915

मंडी अध्यक्ष पद पर होगा चुनाव

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को स्टेट हेल्थ अथॉरिटी कर दिया गया है। रिटायर्ड आईएएस डीके कोटिया इसके चेयरमैन होंगे। इसके लिए कॉल सेंटर भी बनाया जाएगा। इसमें 10 लोग काम करेंगे। वहीं, इसके लिए केंद्र से अब कुल लागत का 28 से 30 फीसदी बजट मिलेगा।

त्रिवेंद्र सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र के फार्मूले को अपनाया है। प्रदेश में लागू उत्तराखंड कृषि उत्पादन मंडी विकास एवं विनियमन अधिनियम को खत्म कर इसकी जगह केंद्र का मॉडल एक्ट (कृषि उपज एवं पशुधन विपणन अधिनियम) को लागू किया है। इसके तहत मंडी अध्यक्ष मनोनीत नहीं बल्कि चुनकर आएंगे। फिलहाल अगले दो साल तक मनोनयन की व्यवस्था लागू रहेगी।

किसान कहीं भी बेच सकेंगे फसल
किसानों को मंडियों में कृषि उत्पाद लाने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। किसान अपने उत्पाद को उचित दामों पर मंडी से बाहर कहीं भी बेच सकेंगे। मंडी समिति की ओर से फल-सब्जी व अन्य कृषि उत्पादों के कारोबार पर शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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