{"_id":"698e0ec1fc8e42368803a1df","slug":"uttarakhand-cs-issues-direct-recruitment-vacancies-officials-accountable-if-details-not-provided-in-three-days-2026-02-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर सीएस के निर्देश, तीन दिन में ब्योरा न दिया तो अधिकारी जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर सीएस के निर्देश, तीन दिन में ब्योरा न दिया तो अधिकारी जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 12 Feb 2026 11:04 PM IST
विज्ञापन
सार
यदि निर्धारित समय में सूचना नहीं दी जाती और कोर्ट में कोई प्रतिकूल स्थिति पैदा होती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
- फोटो : freepik.com(प्रतीकात्मक)
विज्ञापन
विस्तार
सीधी भर्ती के रिक्त पदों का ब्योरा न देने पर कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को पत्र भेजा है। कहा गया है कि तीन दिन के भीतर रिक्त पदों का ब्योरा उपलब्ध कराएं ताकि उसी हिसाब से भर्तियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
Trending Videos
उच्च न्यायालय ने एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए रिक्त पदों की जानकारी तलब की है। मुख्य सचिव को शपथ पत्र के साथ ये जानकारी देनी है, जिसकी अगली सुनवाई 16 फरवरी को होनी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अब तक पदों की जानकारी उपलब्ध न कराने वाले विभागों पर नाराजगी जताई है। अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत ने सभी विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारियों को तीन दिन के भीतर रिक्त पदों की सूचना कार्मिक विभाग को ई-मेल के माध्यम से भेजने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड: बड़ी राहत, लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण पर लगी सुप्रीम रोक हटी, 18 गांवों को होगा फायदा
ये भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय में सूचना नहीं दी जाती और कोर्ट में कोई प्रतिकूल स्थिति पैदा होती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। यदि रिक्त पदों के संबंध में चयन संस्थाओं (यूकेपीएससी, यूकेएसएसएससी) को पहले ही अधियाचन भेजा जा चुका है तो उसका उल्लेख भी रिपोर्ट में अनिवार्य रूप से करना होगा। शासन ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि 15 जनवरी को पत्र भेजने के बावजूद कई विभाग सूचना पर कुंडली मारकर बैठे हैं। यह आदेश प्रदेश के समस्त प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों (गढ़वाल और कुमाऊं) और जिलाधिकारियों को भेजा गया है।

कमेंट
कमेंट X