Uttarakhand: विभागों के बंटवारे से मुख्यमंत्री पर कम हुआ भार; फिर भी 18 विभागों की जिम्मेदारी ज्यों की त्यों
मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक की जिम्मेदारी के साथ 35 विभागों का कामकाज बेहतर ढंग से निभाया। कैबिनेट विस्तार के साथ मुख्यमंत्री अपने पास से कई विभागों को नए मंत्रियों को सौंपे हैं, लेकिन बड़े विभाग सीएम के पास ही हैं।
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कैबिनेट विस्तार से भले ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऊपर विभागों का भार कम हुआ हो, लेकिन बड़े महकमों की जिम्मेदारी कम नहीं हुई है। पांच नए कैबिनेट मंत्रियों में विभागों का बंटवारा होने के बाद भी मुख्यमंत्री स्वयं 18 विभागों को देखेंगे। कैबिनेट विस्तार से पहले सीएम के पास 35 विभाग थे।
मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्रियों के पदों की संख्या 11 है। धामी सरकार ने दूसरे कार्यकाल में आठ मंत्री थे। लंबे समय से कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं चल रही थीं। इस बीच कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन व प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे से मंत्रिमंडल में खाली पदों की संख्या पांच हो गई थी। चंदन राम दास व प्रेमचंद अग्रवाल के विभाग मुख्यमंत्री के पास थे। लंबे समय से मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक की जिम्मेदारी के साथ 35 विभागों का कामकाज बेहतर ढंग से निभाया। प्रदेश के मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री के कई और भी जिम्मेदारी होती है। जिस कारण विभागों की नियमित निगरानी के लिए समय कम होता है।
Uttarakhand: कैबिनेट विस्तार के बाद अब विभागों का बंटवारा; गृह समेत ये विभाग देखेंगे सीएम, देखें पूरी लिस्ट
कैबिनेट विस्तार के साथ मुख्यमंत्री अपने पास से कई विभागों को नए मंत्रियों को सौंपे हैं, लेकिन बड़े विभाग सीएम के पास ही हैं। पांच नए मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी मिलने से चुनावी वर्ष में कामकाज में तेजी आएगी। इसके साथ ही नए मंत्रियों के ऊपर भी विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन व काम में तेजी लाने की जिम्मेदारी होगी।
नए मंत्रियों में खजानदास को समाज कल्याण व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के माध्यम से दलित वर्गों के लिए संचालित योजनाओं में तेजी लाने की जिम्मेदारी दी गई। वहीं पहली बार मंत्री बने भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास व एमएसएमई, राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास व प्रदीप बत्रा को परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं।