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Uttarakhand: पिछले दस वर्ष में 14 हजार किमी से अधिक ग्रामीण सड़कें बनीं, केंद्र से और अधिक सड़कों की मांग

Wed, 19 Aug 2026 07:18 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Wed, 19 Aug 2026 07:18 AM IST
सार

उत्तराखंड के गांवों तक सड़क कनेक्टिविटी पहुंचाने की रफ्तार पिछले एक दशक में तेज हुई है। पीएमजीएसवाई के

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Uttarakhand Rural Road Development Over 14,000 Km of Roads Built Under PMGSY in the Last 10 Years
सड़क ( फाइळ फोटो)

विस्तार

पिछले दस वर्षों में उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत 14372 किमी सड़कों का निर्माण हुआ है। सड़कों की यह लंबाई योजना के शुरू होने से 2016-17 तक बनी 7539 ग्रामीण सड़कों की लगभग दोगुनी है।

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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) 2000-01 में शुरू हुई थी। 2014-15 तक इस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड में 4525 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ। 2015-16 में पहली बार एक वित्तीय वर्ष में एक हजार किमी से अधिक 1025 किमी ग्रामीण सड़कें बनीं। 2016-17 में राज्य में 1989 किमी पीएमजीएसवाई सड़कों का निर्माण हुआ। इस तरह योजना शुरू होने से लेकर 2016-17 तक राज्य में पीएमजीएसवाय योजना के अंतर्गत 7539 किमी सड़कें लोगों को मिलीं।

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2017-18 से आई तेजी

वित्त वर्ष 2017-18 से राज्य में ग्रामीण सड़कों को बनाने के काम में तेजी आई। 2017-18 से पिछले वित्त वर्ष तक राज्य में 14,341 किमी ग्रामीण सड़कें बन चुकी हैं। इस वित्त वर्ष में अब तक बनी सड़कों की लंबाई जोड़ने के बाद ये करीब 14,372 किमी हो चुकी है। इसमें कोरोना काल का वह समय भी शामिल है जब सरकार ने अधिकतम लोगों को रोजगार देने के लिए ग्रामीण सड़कों के निर्माण को खूब प्रमुखता दी थी। इस योजना में 2019-20 में 2036 किमी, 2020-21 में 3365 किमी और 2021-22 में 2061 किमी सड़कें बनीं। इन तीन वर्षों में ही इस योजना में 7462 किमी सड़कें बनीं।

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2013-19 में पुरानी सड़कों को सुधारने पर जोर

2013 से 2019 के बीच योजना में नई सड़कों को बनाने की बजाय पहले से बनी सड़कों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दी गई। इससे इस दौरान सड़कों की लंबाई बहुत कम बढ़ी। 2019 से नई ग्रामीण सड़कों को बनाने पर अधिक ध्यान दिया गया, जिससे इस दौरान सबसे ज्यादा ग्रामीण सड़कें बनीं। 2024-29 में योजना के चौथे चरण में नई बस्तियों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उत्तराखंड ने अपने लिए अधिक सड़कों की मांग की है।

 

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हमारा लक्ष्य है कि राज्य के सभी गांव अच्छी और हर मौसम में उपयोग के योग्य सड़कों से जुड़ें। इससे आवागमन में सुविधा होने के साथ-साथ लोगों को विकास करने में सहायता मिलेगी। हमने केंद्र से और अधिक सड़कों की मांग की है जिससे सभी गांवों को यह सुविधा दी जा सके। -भरत सिंह चौधरी, ग्राम्य विकास विभाग मंत्री, उत्तराखंड
 

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