फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Uttarakhand Weather 132 Roads Shut Rivers Near Danger Level Yellow Rain Alert gangotri yamunotri Highway

Uttarakhand Weather: चेतावनी रेखा पर नदियां, 132 सड़कें बंद, आज भी बारिश का येलो अलर्ट, हाईवे का जानें अपडेट

Fri, 07 Aug 2026 07:57 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Fri, 07 Aug 2026 07:57 AM IST
सार

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। कई नदियां चेतावनी रेखा के करीब बह रही हैं, जबकि प्रदेशभर में 132 सड़कें बंद हैं। मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

विज्ञापन
Uttarakhand Weather 132 Roads Shut Rivers Near Danger Level Yellow Rain Alert gangotri yamunotri Highway
सड़क पर आया मलबा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार सात अगस्त को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज से अत्यंत तेज बारिश के दौर के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अनुमान है।

विज्ञापन


मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है। पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा, जबकि मैदानी इलाकों में भी तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया।
विज्ञापन


उत्तराखंड में 132 सड़कें बंद

राज्य में भूस्खलन, भूधंसाव के चलते चार एनएच, चार स्टेट हाईवे, एक मुख्य जिला मार्ग समेत 132 सड़क बंद हैं। इनमें सबसे अधिक 132 ग्रामीण सड़कें प्रभावित हैं। जिलों की बात करें तो अल्मोड़ा में 05, बागेश्वर में 11, चमोली में 24, देहरादून में 10, नैनीताल में 9 मार्ग बंद हैं। पौड़ी में 17 और पिथौरागढ़ में दो बीआरओ के एनएच (सोबला-तिदांग और तवाघाट-गुंजी) समेत 18 मार्ग बंद हैं। रुद्रप्रयाग में 07, टिहरी में 16 और उत्तरकाशी जिले में बड़कोट-विकास निगम एनएच समेत 15 मार्गों पर आवागमन ठप है। लोनिवि की ओर से सभी बंद मार्गाें को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन


चेतावनी स्तर पर पहुंचा नदियों का जलस्तर
बारिश से नदियों का जल स्तर बढ़ा है। हरिद्वार में गंगा चेतावनी निशान से ऊपर बह रही है। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे गंगा चेतावनी निशान 293 से भी ऊपर पहुंच गई। गंगा का जलस्तर 293.30 दर्ज किया गया। खानपुर में भी गंगा चेतावनी रेखा पार कर गई है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए अलर्ट घोषित किया है। वहीं, ऋषिकेश की बात करें तो सिंचाई विभाग के अनुसार गंगा 339.90 मीटर पर बह रही है, जो चेतवानी रेखा से 25 सेमी ऊपर है। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन का आरती स्थल पूरी तरह जलमग्न हो गया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जल स्तर भी खतरे के जल स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। चमोली जिले में तीन बजे तक अलकनंदा, नंदाकिनी और पिंडर नदी का जल स्तर चेतावनी स्तर के पास पहुंच गया। शाम चार बजे सीमांत जिले पिथौरागढ़ में काली नदी का जल स्तर भी काफी बढ़ा हुआ मिला। गोरी और सरयू नदी का जल स्तर भी खतरे के जल स्तर के पास पहुंचा हुआ था।

 

डैम, बैराजों से पानी छोड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भी भेजें अलर्ट : सीएस

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएं। डैम, बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देकर सतर्क किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भी समय रहते अलर्ट किया जाए ताकि किसी भी संभावित जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने यह निर्देश राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी सभी चेतावनियां और अलर्ट अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। समय पर सूचना ही लोगों को सुरक्षित निर्णय लेने का अवसर देती है। जिला, ब्लॉक, तहसील और ग्राम स्तर तक सूचना प्रसारण तंत्र को और अधिक मजबूत और सक्रिय बनाया जाए।

हरिद्वार में गंगा चेतावनी निशान से ऊपर, अलर्ट जारी

मानसून सीजन में पहली बार गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा को पार कर गया। इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक 01.67 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए अलर्ट घोषित किया है। बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे गंगा चेतावनी निशान 293 से भी ऊपर पहुंच गई। गंगा का जलस्तर 293.30 दर्ज किया गया। खानपुर में भी गंगा चेतावनी रेखा पार कर गई है।

गंगा चेतावनी रेखा से 25 सेंटीमीटर ऊपर, त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन आरती स्थल जलमग्न

चेतावनी रेखा से 25 सेमी ऊपर बह रही गंगाऋषिकेश। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा उफान पर है। बढ़ते जलस्तर के चलते प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन का आरती स्थल पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार गंगा का जलस्तर 339.90 मीटर पर पहुंच गया है, जो चेतावनी रेखा से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। त्रिवेणी घाट, ढालवाला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र के बाजारों में सन्नाटा पसरा है और दुकानदारों ने एहतियातन दुकानें बंद कर दी हैं। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद डीएम के आदेश पर गंगा किनारे स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार मुनादी कर लोगों से गहरे पानी में स्नान न करने और सेल्फी लेने से बचने की अपील की जा रही है। गंगा किनारे बसे निचले इलाकों के लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है। एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।

गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बार-बार हो रहे बंद

लगातार बारिश ने उत्तरकाशी जिले में जनजीवन और यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर  मलबा और पत्थर गिरने से मार्ग बार-बार बंद हो रहे हैं। कई स्थानों पर यात्रियों और कांवड़ियों को जान जोखिम में डालकर हाईवे पार करना पड़ा। जिले की 13 सड़कें अब भी बाधित हैं।

ये भी पढ़ें...
Dehradun: उत्तराखंड कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित, पांच नई समितियों का भी गठन; एआईसीसी ने जारी की सूची

जिलाधिकारी निरीक्षण करें

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार मानसून की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी जिलाधिकारी नियमित रूप से फील्ड भ्रमण करें, संवेदनशील क्षेत्रों का स्वयं निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ी हुई है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। मौसम की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा का संचालन किया जाए। यदि अत्यधिक वर्षा अथवा मार्ग अवरुद्ध होने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे भेजा जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में भारी वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण संचार व्यवस्था बाधित होती है तो वैकल्पिक संचार प्रणाली तत्काल सक्रिय की जाए। उन्होंने सभी सैटेलाइट फोन को हर समय क्रियाशील स्थिति में रखने तथा प्रतिदिन उनके माध्यम से एसईओसी एवं डीईओसी के बीच संपर्क सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, एससीईओ क्रियान्वयन राजकुमार नेगी, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, ड्यूटी ऑफिसर कलम सिंह चौहान, भवानी राम आर्या आदि उपस्थित रहे।



 


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed