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Chamoli News: किमाणा गांव में पैदल रास्तों और खेतों में लगे मलबे के ढेर
Thu, 06 Aug 2026 06:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 06 Aug 2026 06:44 PM IST
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ज्योतिर्मठ। विकासखंड ज्योतिर्मठ के किमाणा गांव के ऊपर से हो रहा भूस्खलन लगातार जारी है। जैसे-जैसे बरसात अधिक हो रही है गांव में मलबा आने की रफ्तार भी तेज हो रही है। गांव के लोगों की हर रात दहशत में कट रही है। किमाणा गांव में बरसात शुरू होते ही बारिश के पानी के साथ मलबा आना शुरू हो गया था। शुरुआत में सिर्फ मिट्टी ही आ रही थी लेकिन अब पत्थर भी आने लग गए हैं और गांव के पैदल रास्तों व खेतों में मलबे के ढेर लग गए हैं। ग्रामीण रात को सो नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार रात को तेज बारिश हुई और बरसाती पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा गांव में आ गया। लोग डर के मारे पूरी रात सो नहीं पाए। ग्रामीणों का कहना है कि अभी मलबे से किसी मकान को तो नुकसान नहीं पहुंचा है लेकिन जिस तरह से भूस्खलन हो रहा है यदि वह रुकता नहीं है तो आने वाले समय में गांव के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से भूस्खलन के स्थायी समाधान की मांग की। संवाद
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ज्योतिर्मठ। विकासखंड ज्योतिर्मठ के किमाणा गांव के ऊपर से हो रहा भूस्खलन लगातार जारी है। जैसे-जैसे बरसात अधिक हो रही है गांव में मलबा आने की रफ्तार भी तेज हो रही है। गांव के लोगों की हर रात दहशत में कट रही है। किमाणा गांव में बरसात शुरू होते ही बारिश के पानी के साथ मलबा आना शुरू हो गया था। शुरुआत में सिर्फ मिट्टी ही आ रही थी लेकिन अब पत्थर भी आने लग गए हैं और गांव के पैदल रास्तों व खेतों में मलबे के ढेर लग गए हैं। ग्रामीण रात को सो नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार रात को तेज बारिश हुई और बरसाती पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा गांव में आ गया। लोग डर के मारे पूरी रात सो नहीं पाए। ग्रामीणों का कहना है कि अभी मलबे से किसी मकान को तो नुकसान नहीं पहुंचा है लेकिन जिस तरह से भूस्खलन हो रहा है यदि वह रुकता नहीं है तो आने वाले समय में गांव के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से भूस्खलन के स्थायी समाधान की मांग की। संवाद