रुड़की: मंहगाई की मार, सब्जियों के दाम में फिर बढ़ोतरी से बिगड़ा रसोई का बजट, हरे धनिया के चौंकाने वाले भाव
थाली में सब्जियों का स्वाद अब जेब पर भी भारी पड़ने लगा है। दामों ने रोजमर्रा की खरीदारी का हिसाब बिगाड़ दिया है।
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सब्जियों के दाम में एक बार फिर बढ़ोतरी होने से गृहणियों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। सिविल लाइंस क्षेत्र में कई सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। प्याज 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जबकि गोभी और शिमला मिर्च 100 रुपये किलो बिक रही है। सबसे अधिक चौंकाने वाला भाव हरे धनिये का है, जो 300 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
ऐसे में मनपसंद सब्जी का स्वाद लेने के लिए लोगों को अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।सिविल लाइंस क्षेत्र में सोमवार को प्याज 60, आलू 20, टमाटर 40, लौकी 20, तोरी 60, खीरा 60, करेला 80, शिमला मिर्च 100, गोभी 100, हरी मिर्च 70, हरा धनिया 300 और अदरक 150 रुपये किलो के भाव बिका। सब्जियों के भाव में अंतर होने से खरीदारी करने पहुंचे लोगों को जरूरत के मुताबिक बजट बनाना पड़ रहा है।
सब्जियों के भाव नियंत्रित रहना जरूरी
गृहणियों का कहना है कि कुछ सब्जियां महंगी होने से परेशानी बढ़ी है। हालांकि आलू और टमाटर के दाम कम और स्थिर रहने से कुछ राहत भी मिली है। उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम और बढ़े तो घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ेगा। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों के भाव नियंत्रित रहना जरूरी है।
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सब्जी विक्रेता प्रकाश यादव ने बताया कि सब्जियों के भाव मुख्य रूप से मंडी में आवक और मौसम पर निर्भर करते हैं। जिन सब्जियों की आवक कम होती है, उनके दाम तेजी से बढ़ जाते हैं। हरे धनिये और कुछ अन्य सब्जियों के भाव भी कम आवक के कारण बढ़े हैं। अन्य विक्रेताओं के मुताबिक आने वाले दिनों में मंडी में आवक बढ़ने पर कुछ सब्जियों के दाम में कमी आने की उम्मीद है। लगातार हो रही बारिश से सब्जियां खराब हो रही है।