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Vikasnagar: पहाड़ में पीने योग्य यमुना-टोंस का पानी, मैदान में पहुंचते ही घटी गुणवत्ता, यूकेपीसीबी की रिपोर्ट

Wed, 01 Jul 2026 06:36 PM IST
Renu Saklani जितेंद्र जोशी, संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर
जितेंद्र जोशी, संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर Published by: Renu Saklani Updated Wed, 01 Jul 2026 06:36 PM IST
सार

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूकेपीसीबी) की वर्ष 2026 की रिपोर्ट में सामने आया है कि पहाड़ी क्षेत्र में लखवाड़ तक यमुना और टोंस नदी का पानी पीने (आचमन) योग्य है, लेकिन मैदानी क्षेत्रों में डाकपत्थर, कालसी और विकासनगर पहुंचते-पहुंचते इसकी गुणवत्ता घटकर केवल स्नान योग्य रह जाती है। 

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Water Quality Report Yamuna Tons Rivers Safe for Drinking Till Lakhwar Fit Only for Bathing in Plains
यमुना - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

पहाड़ों से निकलने वाली यमुना और टोंस नदी का जल देहरादून व सिरमौर जिले के पर्वतीय क्षेत्र में अभी आचमन (पीने योग्य) श्रेणी में है लेकिन मैदान में उतरते ही इसकी गुणवत्ता घटकर स्नान योग्य रह जाती है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूकेपीसीबी) की वर्ष 2026 की सतह जल गुणवत्ता की ताजा रिपोर्ट में यह स्थिति सामने आई है।

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रिपोर्ट के अनुसार, लखवाड़ तक दोनों नदियों का पानी ए-ग्रेड में है जबकि डाकपत्थर, कालसी और विकासनगर क्षेत्र में पहुंचने तक यह बी-ग्रेड में दर्ज किया गया है। हिमाचल प्रदेश से आने वाली टोंस नदी का जल डाकपत्थर में यमुना से मिलने से पहले तक ए-ग्रेड यानी आचमन योग्य है लेकिन दोनों नदियों के संगम के बाद डाकपत्थर से लेकर कालसी और विकासनगर तक जल गुणवत्ता बी-ग्रेड में दर्ज की गई है।
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प्रदूषण बढ़ने के कारण जल की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज
यह स्थिति पर्वतीय क्षेत्र से मैदानी क्षेत्र में प्रवेश के साथ बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप और प्रदूषण के प्रभाव को दर्शाती है। पर्वतीय क्षेत्र में घुलित ऑक्सीजन (डीओ) का स्तर बेहतर और जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग (बीओडी) कम रहने से जल की गुणवत्ता उच्च बनी हुई है।
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वहीं मैदान में आबादी, घरेलू अपशिष्ट, कृषि गतिविधियों और अन्य स्रोतों से प्रदूषण बढ़ने के कारण जल की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है हालांकि यह पानी अभी स्नान के लिए उपयुक्त माना गया है।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नदियों में बिना शोधन के सीवेज और अन्य अपशिष्टों का प्रवाह नहीं रोका गया तो आने वाले वर्षों में जल गुणवत्ता पर और प्रतिकूल असर पड़ सकता है। जल स्रोतों के संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और नियमित निगरानी के माध्यम से ही नदियों की मौजूदा गुणवत्ता को बनाए रखा जा सकता है। 

यमुना व टोंस नदी की जल गुणवत्ता

नदी स्थान क्षेत्र जल श्रेणी उपयोग
यमुना लखवाड़ पर्वतीय आचमन (पीने योग्य)
यमुना डाकपत्थर मैदानी बी स्नान योग्य
यमुना कालसी मैदानी बी स्नान योग्य
यमुना विकासनगर मैदानी बी स्नान योग्य
टोंस डाकपत्थर (संगम से पहले) पर्वतीय  आचमन (पीने योग्य)
टोंस-यमुना (संगम के बाद) डाकपत्थर मैदानी बी स्नान योग्य

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जल गुणवत्ता के प्रमुख मानक

मानक - ए श्रेणी ए श्रेणी (आचमन योग्य) बी श्रेणी (स्नान योग्य)
घुलित ऑक्सीजन (डीओ) 6 मिलीग्राम/लीटर या अधिक 5 मिलीग्राम/लीटर या अधिक
जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग (बीओडी 2 मिलीग्राम/लीटर या कम 3 मिलीग्राम/लीटर या कम
कुल कोलीफॉर्म 50 एमपीएन/100 मि.ली तक 500 एमपीएन/100 मि.ली तक
पीएच 6.5 से 8.5 6.5 से 8.5

 

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