पंचायत की नई व्यवस्था: शादी में दिया जाएगा मात्र 101 रुपये का शगुन, उत्तराखंड के इस गांव में सख्त किए गए नियम
उत्तराखंड के साहिया क्षेत्र में अनोखी पहल की गई है। यहां खत सिली गोथान से जुड़े 12 गांवों के ग्रामीणों ने शादी-विवाह के आयोजनों में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए नए नियम तय किए हैं।
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राजधानी देहरादून के पास सहिया क्षेत्र की खत सिली गोथान के ग्रामीणों की बैठक में शादी-विवाह के आयोजनों में होने वाली फिजूलखर्ची रोकने के लिए नियम बनाए गए। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति के आधार पर विवाह में मात्र 101 रुपये का शगुन दिया जाना तय किया। ग्रामीणों ने आयोजनों में बीयर परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
ग्राम बड़नु स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल के मैदान में आयोजित हुई खत से जुड़े 12 गांवों के ग्रामीणों की बैठक में शादी-विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों के लिए नियम-कानून तय किए गए। खत स्याणा मंजीत सिंह तोमर की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में ग्राम मसराड़ गांव स्थित शिलगूर महाराज के 12 साल बाद मनाए जाने वाले जागड़े बुरांश को वर्ष 2027 में मनाए जाने पर सहमति जताई। इसके साथ खत से संबंधित गांवों में होने वाले शादी-विवाह जैसे आयोजनों में बीयर परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया।
इन मुद्दों पर बनी सहमति
इसके अलावा परिवार की पहली शादी में परंपरा स्वरूप मामा पक्ष से एक बकरा व आटा-चावल, सूजी आदि लाए जाने और टीका करने पर पाबंदी, खत की बेटियों की ओर से इस प्रकार के आयोजनों में लिए और दिए जाने वाले बकरे पर पाबंदी, रईणी भोज में चांदी का सिक्का व वस्त्र देने पर रोक, शगुन के रूप में मात्र 101 रुपये देने आदि मुद्दों पर सहमति बनी। साथ ही उल्लंघन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा भी बैठक में की गई।
