दिल्ली में बड़ी वारदात: 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को आठ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा, सात करोड़ ठगे
जांच के अनुसार, 9 जनवरी से 12 जनवरी के बीच तीन बड़े ट्रांजैक्शन किए गए। उसने इन तीन ट्रांजैक्शन में 4 करोड़ रुपये, 1.30 करोड़ रुपये और 1.60 करोड़ रुपये भेजे। उसने ये पैसे अपने बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट से निकाले।
विस्तार
दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश में एक बार फिर अकेली रहने वाली 70 साल की एक वृद्धा से साइबर जालसाजों ने 7 करोड़ रुपये ठग लिए। जालसाजों ने उन्हें कम से कम 8 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में यह ऐसा दूसरा मामला सामने आया है। वृद्धा को कई दिनों तक घर में बंद रखा गया और उन्हें अपने बैंक अकाउंट और डिपॉजिट खाली करने के लिए मजबूर किया गया। इन मामलों में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकार बन किया बुजुर्ग महिला को फोन
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वृद्धा का परिवार फर्नीचर का बिजनेस करता है। उन्हें 5 जनवरी को आरोपी का फोन आया। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और बुजुर्ग महिला से कहा कि हाल ही में एक सिम कार्ड जारी करने के लिए उसके नाम का इस्तेमाल किया गया है। इस सिम कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए किया गया था।
ठगों को बता दिया अकेली रहती है बुजुर्ग
दो दिनों तक महिला सब कुछ मना करती रही और जालसाजों पर विश्वास नहीं किया। हालांकि, इसके बाद उन्होंने उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी और उस पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया। आरोपियों ने वीडियो कॉल पर उसे अपने साथियों से मिलवाया, जिन्होंने उसे धमकी दी। वीडियो कॉल पर, गिरफ्तारी के डर से महिला ने उन्हें घर दिखाया और बताया कि वह अकेली रहती है। पुलिस ने बताया कि उसने उन्हें यह भी बताया कि उसका बेटा ऑस्ट्रेलिया में है और बेटी गुरुग्राम में है।
तीन बड़े ट्रांजैक्शन हुए
इस पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने इस स्थिति का फायदा उठाया और पूरे दिन वीडियो कॉल पर उस पर नजर रखने लगे। उनके पास एक दूसरा फोन था और उन्होंने उससे अलग-अलग अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाए। हमारी जांच के अनुसार, 9 जनवरी से 12 जनवरी के बीच तीन बड़े ट्रांजैक्शन किए गए। उसने इन तीन ट्रांजैक्शन में 4 करोड़ रुपये, 1.30 करोड़ रुपये और 1.60 करोड़ रुपये भेजे। उसने ये पैसे अपने बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट से निकाले। पुलिस ने बताया कि उसे अपने बच्चों से बात करने और उन्हें डिजिटल गिरफ्तारी के बारे में बताने की इजाजत नहीं थी। मंगलवार को उनके परिवार ने उनसे संपर्क किया और पाया कि उसके साथ ठगी हुई है। पुलिस ने बताया कि परिवार ने बुधवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से संपर्क किया और प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस का बयान
डीसीपी (आईएफएसओ) विनीत कुमार ने कहा कि वृद्धा ने तीन से चार दिनों में आरोपियों को पैसे भेजे। आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उनके अकाउंट की डिटेल्स हमारे पास हैं और मामले की जांच की जा रही है। अब तक, अकाउंट नए लग रहे हैं और ऐसा लगता है कि उनका इस्तेमाल किसी और मामले में नहीं किया गया है। -विनीत कुमार, पुलिस उपायुक्त, आईएफएसओ यूनिट, दिल्ली पुलिस