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Delhi NCR Weather: कश्मीर और शिमला से ठंडा रहा एनसीआर, दिल्ली का न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री; अभी राहत नहीं

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 16 Jan 2026 02:15 AM IST
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सार

बीते सप्ताह से दिल्ली के साथ गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद व गाजियाबाद के कई इलाके देश के मशहूर हिल स्टेशन से ठंडे हैं। 

Weather: NCR colder than Kashmir and Shimla, Delhi's minimum temperature 2.9 degrees
कर्तव्यपथ पर घने कोहरे के चलते इंडिया गेट भी नजर नहीं आ रहा था। एजेंसी - फोटो : अमर उजाला प्रिन्ट/एजेंसी
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विस्तार
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दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार की सुबह उत्तराखंड के देहरादून, हिमाचल प्रदेश के शिमला और जम्मू से ज्यादा सर्द रही। बीते सप्ताह से दिल्ली के साथ गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद व गाजियाबाद के कई इलाके देश के मशहूर हिल स्टेशन से ठंडे हैं। 

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दिल्ली का न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि चाराें स्टेशन 4.5 डिग्री से ज्यादा गर्म रहे। मौसम वैज्ञानिक इसकी बड़ी वजह पहाड़ी और मैदानी इलाके की मौसमी दशाओं में देख रहे हैं। विशेषज्ञों की नजर में हालांकि इस तरह की घटना सामान्य हैं। मौसमी दशाओं से सर्दी के दिनों में कई बार इस तरह की स्थिति बन जाती है।
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भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में इस वक्त एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसमें सतह की हवाएं चारों दिशाओं में फैल रही हैं। इस तरह की जो मौसमी दशा बनी है, उसमें धरती की ऊपरी सतह पर उत्तर दिशा से आने वाली सर्द हवाएं इस इलाके में नीचे उतर रही हैं। इससे तापमान में कमी आई है। चार दिन बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी।

दूसरी तरफ मौसम विशेषज्ञ वरुण गुलाटी ने कहा कि इन दिनों उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाएं हिमालय से सीधे मैदानी इलाकों में पहुंच रही हैं। दिल्ली के ऊपर आसमान साफ रहने से रात में जमीन की गर्मी तेजी से निकल जाती है। इससे रात का तापमान तेजी से गिरता है। दूसरी तरफ देहरादून, शिमला जैसे पहाड़ी इलाकों में बादलों की वजह से गर्मी धरती के वातावरण में फंस जाती है। इसलिए वहां तापमान ज्यादा रहता है। इस साल दिसंबर और जनवरी में उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से काफी कम बारिश हुई। इससे पहाड़ों में बर्फ कम पड़ी और ठंडी हवाएं बिना रुकावट मैदानों तक पहुंच रही हैं।

कब माना जाता है कोल्ड डे?
मैदानी इलाकों में जब न्यूनतम तापमान दस डिग्री से कम रहे और अधिकतम तापमान में भी सामान्य से 4.5 से 6.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ जाए तो उस दिन को कोल्ड डे यानी शीत दिवस के रूप में दर्ज किया जाता है।

ऊफ, ये दिल्ली की सर्दी, दोपहर में धूप से मिली हल्की राहत
राजधानी में शीतलहर जारी है। बीते एक हफ्ते से लगातार न्यूनतम तापमान में गिरावट है। ऐसे में बृहस्पतिवार को दिल्ली में लगातार चौथे दिन शीतलहर का कहर रहा। यही नहीं, यह बीते दो साल की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई। न्यूनतम पारा 2.9 डिग्री रहा। सुबह की शुरुआत कोहरे व धुंध के बीच हुई। इससे दृश्यता भी कम रही। सुबह बर्फीली हवाओं और 3 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे लुढ़के पारे ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी।

दोपहर आते-आते सूर्यदेव ने दर्शन दिए, इससे लोगों को कुछ राहत मिली। लेकिन, शाम को फिर तेज ठंडी हवाओं ने गलन बढ़ा दी। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 0.1 डिग्री कम के साथ 20 रहा। इसके अलावा, न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री दर्ज हुआ। यह सामान्य से 4.5 डिग्री कम रहा। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 100 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 51 प्रतिशत रही।

हालांकि, दिल्ली में 0 डिग्री से नीचे भी तापमान दर्ज हुआ है। 16 जनवरी 1935 को पारा -0.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था। बृहस्पतिवार सुबह का न्यूनतम तापमान इस सीजन का सबसे कम दर्ज किया गया, जिसने शिमला जैसे हिल स्टेशन को भी पीछे छोड़ दिया। लोग घरों से निकलने में हिचकिचाते दिखे। वहीं, पालम में बीते 15 साल का रिकॉर्ड टूट गया, जहां 16 जनवरी 2010 में न्यूनतम पारा 4.7 डिग्री दर्ज किया गया था।

मौसम विभाग के अनुसार, रिज में 4.5 और आया नगर में 2.7, लोधी रोड में 3.4 व पालम में 2.3 न्यूनतम पारा दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान दिल्ली के विभिन्न इलाकों में शीतलहर और कोहरे की स्थिति महसूस की गई। वहीं, पालम में सुबह 6 बजे हल्के कोहरे के कारण दृष्टि क्षमता केवल 50 मीटर रही। वहीं, सफदरजंग में सुबह 6.30 बजे हल्के कोहरे के कारण दृश्यता लगभग 100 मीटर तक सीमित रही। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह-सुबह और देर रात के समय ठंड और कोहरे के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। वाहन चालकों को भी कोहरे के कारण सड़क पर सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा नया पश्चिमी विक्षोभ, 19 जनवरी से असर की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। यह पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी वायुमंडल में पछुआ हवाओं के बीच एक ट्रफ के रूप में देखा जा रहा है। इसका अक्ष समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यह 45 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ-साथ 23 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में आगे बढ़ रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस सिस्टम के चलते आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बन रही है। इसके अलावा, एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 19 जनवरी 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पहाड़ों पर बर्फबारी बढ़ सकती है। तापमान में गिरावट आने और ठंड बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली में कब कितना गिरा पारा

  • 16 जनवरी 1935: -0.6 डिग्री
  • 26 जनवरी 1964: 1.0 डिग्री
  • 8 जनवरी 2006: 0.2 डिग्री
  • 1 जनवरी 2021: 1.1 डिग्री
  • 16 जनवरी 2023: 1.4 डिग्री
  • 12 जनवरी 1967: 1.5 डिग्री
  • 1 जनवरी 1955: 1.6 डिग्री
  • 8 जनवरी 2023: 1.9 डिग्री
  • 14 जनवरी 2021: 2.0 डिग्री
  • 26 जनवरी 2021: 2.1 डिग्री

ठंड का सितम ओपीडी में 75 प्रतिशत तक पहुंचे सांस के मरीज
राजधानी में बढ़ती ठंड के साथ अस्थमा के मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ प्रवीन कुमार ने बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में सांस की तकलीफ, सीने में जकड़न और खांसी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में तेज इजाफा दर्ज किया जा रहा है। 

हालात ऐसे हैं कि कई मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें सीधे इमरजेंसी में भर्ती कराना पड़ रहा है। अस्पतालों से मिले आंकड़ों के अनुसार, पहले ओपीडी में करीब 55 प्रतिशत मामले अस्थमा से जुड़े होते थे, लेकिन ठंड बढ़ने के साथ यह आंकड़ा बढ़कर करीब 75 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

लगातार तीसरे दिन हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार
राजधानी में लगातार तीन दिन से हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। ऐसे में बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 343 दर्ज किया गया जो हवा की बेहद खराब श्रेणी है। एनसीआर में 344 एक्यूआई के साथ नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 13.92 फीसदी रहा।

सीपीसीबी के अनुसार, बृहस्पतिवार को हवा पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 850 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 5500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 251.6 और पीएम2.5 की मात्रा 156.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शनिवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी और रविवार को गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका जताई है।

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