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Delhi NCR News: स्वच्छ हवा फंड का 75 फीसदी अब तक नहीं हुआ खर्च
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सीपीसीबी के निरीक्षण में प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाओं में देरी और खामियां उजागर
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत मिले फंड का अब तक 75 प्रतिशत हिस्सा खर्च नहीं कर सकी है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की हालिया जांच में प्रदूषण नियंत्रण कार्यों में कई कमियां सामने आई हैं।
आरटीआई रिपोर्ट के अनुसार, 6 मई को सीपीसीबी के निरीक्षण में पाया गया कि कई परियोजनाएं तय समय से पीछे चल रही हैं और पहले दिए गए सुझावों पर भी प्रभावी अमल नहीं हुआ है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई प्रदूषण हॉटस्पॉट क्षेत्रों में जरूरी कार्य अभी अधूरे हैं। हालांकि फुटपाथ निर्माण, हरियाली बढ़ाने और मशीनों से सड़कों की सफाई जैसे कुछ कार्य संतोषजनक पाए गए।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दिल्ली ने एनसीएपी फंडिंग की अधिकांश शर्तें पूरी कर ली हैं, लेकिन पिछले वर्ष मिले फंड का 75 प्रतिशत खर्च करने की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं हो पाई। सीपीसीबी ने प्रदूषण नियंत्रण उपायों के दायरे और कार्यान्वयन में तेजी लाने की सिफारिश की है। हालांकि पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पहले कहा था कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं और वर्क ऑर्डर जारी होते ही फंड का उपयोग तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया था कि सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं और अतिरिक्त 300 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत मिले फंड का अब तक 75 प्रतिशत हिस्सा खर्च नहीं कर सकी है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की हालिया जांच में प्रदूषण नियंत्रण कार्यों में कई कमियां सामने आई हैं।
आरटीआई रिपोर्ट के अनुसार, 6 मई को सीपीसीबी के निरीक्षण में पाया गया कि कई परियोजनाएं तय समय से पीछे चल रही हैं और पहले दिए गए सुझावों पर भी प्रभावी अमल नहीं हुआ है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई प्रदूषण हॉटस्पॉट क्षेत्रों में जरूरी कार्य अभी अधूरे हैं। हालांकि फुटपाथ निर्माण, हरियाली बढ़ाने और मशीनों से सड़कों की सफाई जैसे कुछ कार्य संतोषजनक पाए गए।
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रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दिल्ली ने एनसीएपी फंडिंग की अधिकांश शर्तें पूरी कर ली हैं, लेकिन पिछले वर्ष मिले फंड का 75 प्रतिशत खर्च करने की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं हो पाई। सीपीसीबी ने प्रदूषण नियंत्रण उपायों के दायरे और कार्यान्वयन में तेजी लाने की सिफारिश की है। हालांकि पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पहले कहा था कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं और वर्क ऑर्डर जारी होते ही फंड का उपयोग तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया था कि सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं और अतिरिक्त 300 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।