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चिंताजनक: आंत के कैंसर को लेकर 80% भारतीय बेखबर, नहीं पहचान पाते शुरुआती लक्षण; 14 शहरों के सर्वे में खुलासा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 01 Apr 2026 03:28 AM IST
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सार

हाल ही में हुए एक राष्ट्रीय सर्वे परसेप्शन ऑडिट में पता चला कि दिल्ली के 80% लोग नहीं जानते कि मल में खून आना कोलोरेक्टल कैंसर (आंत का कैंसर) का शुरुआती संकेत हो सकता है। 

80 percent of Indians are unaware of bowel cancer and fail to recognize early symptoms.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार

देश में पाचन संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन लोग गंभीर बीमारियों को लेकर अब भी जागरूकता नहीं हैं। हाल ही में हुए एक राष्ट्रीय सर्वे परसेप्शन ऑडिट में पता चला कि दिल्ली के 80% लोग नहीं जानते कि मल में खून आना कोलोरेक्टल कैंसर (आंत का कैंसर) का शुरुआती संकेत हो सकता है। 

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मर्क स्पेशियलिटीज प्राइवेट लिमिटेड ने यह सर्वे 14 बड़े भारतीय शहरों में किया। इसमें 25 से 65 वर्ष के 10 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। सर्वे के नतीजे दिल्ली में एक कार्यक्रम में साझा किए गए। दिल्ली से जुड़े आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। दिल्ली से 679 प्रतिभागी शामिल हुए, जिसमें 341 पुरुष और 337 महिलाएं रहीं। डॉक्टर के पास न जाने के पीछे समय की कमी, डर, झिझक और बीमारी को गंभीरता से न लेना है। 
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सर्वे में शामिल शहर 
सर्वे कोलकाता, अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कोच्चि, लखनऊ, मुबंई, पुणे और दिल्ली के लोगों पर किया गया। 20 दिन तक ईमेल, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिये से सर्वे किया गया। 

सर्वे का परिणाम 

  • करीब 89.5 फीसदी लोग मल त्याग में बदलाव होने पर डॉक्टर के पास जाने के बजाय खुद दवा लेने या खान-पान बदलने का रास्ता अपनाते हैं। 
  • 86 फीसदी लोग नियमित रूप से बाहर या पैकेज्ड भोजन करते हैं, जो पाचन समस्याओं को बढ़ा सकता है। 
  • 80% फीसदी से ज्यादा लोग मल में खून आने को चेतावनी नहीं मानते। 
  • 65 फीसदी से अधिक लोगों ने अनियमित मल त्याग की समस्या बताई। 35.5% लोग नियमित व्यायाम करते हैं। 

डॉक्टर आदित्य सरीन की सलाह 
बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली, फाइबर युक्त आहार, नियमित व्यायाम और तंबाकू से दूरी जरूरी। 

डॉक्टरों ने दी चेतावनी
ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनीष सिंघल के अनुसार, यह कैंसर बड़ी आंत या मलाशय में छोटे पॉलिप्स के रूप में शुरू होता है। मल में खून आना, अचानक वजन कम होना, पेट दर्द और थकान मुख्य लक्षण हैं, जिन्हें अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। डॉ. शेफाली सरदाना ने दिल्ली के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि लोग अक्सर डॉक्टरी सलाह के बजाय खुद दवा लेने की गलती करते हैं, जिससे बीमारी गंभीर हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच और सही आदतों से इस कैंसर के जोखिम कम कर सकते हैं। 

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