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Delhi NCR News: अवैध ई-चार्जिंग स्टेशनों का जाल, हर दिन बढ़ रहा हादसों का खतरा
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अवैध ई-चार्जिंग स्टेशनों का जाल, हर दिन बढ़ रहा हादसों का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ ही अवैध ई-चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में सोनिया विहार में चार्जिंग के दौरान बस में लगी आग की घटना ने इस खतरे को फिर सामने ला दिया है। इसके बावजूद कई इलाकों में बिना किसी सुरक्षा मानक के खुलेआम चार्जिंग प्वाइंट चल रहे हैं। दिल्ली की कई अनधिकृत कॉलोनियों और घनी आबादी वाले इलाकों में घरेलू बिजली कनेक्शन या अवैध तारों के जरिए ई-रिक्शे चार्ज किए जा रहे हैं।
माता सुंदरी रोड, सदर बाजार, कल्याणवास, चित्रा विहार, त्रिलोकपुरी, बदरपुर, तुगलकाबाद एक्सटेंशन, गोविंदपुरी, संगम विहार, देवली, खानपुर, शाहीन बाग, सुल्तानपुरी और मंगोलपुरी समेत कई इलाकों में यह स्थिति आम है। ई-रिक्शा चालकों के अनुसार, उनके पास घर पर चार्जिंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में वह रोज 100 से 150 रुपये देकर निजी चार्जिंग प्वाइंट पर वाहन चार्ज कराते हैं।
मजबूरी का फायदा उठाकर कई लोग बिना अनुमति यह कारोबार चला रहे हैं। ई-रिक्शा चालक विशाल ने बताया कि हमारे पास घर पर चार्जिंग की सुविधा नहीं है। रोज 100 से 150 रुपये देकर वाहन चार्ज कराना पड़ता है। यही हमारी मजबूरी है। चालक मोहम्मद इरफान ने बताया कि सरकारी चार्जिंग स्टेशन कम हैं, इसलिए निजी चार्जिंग प्वाइंट का सहारा लेना पड़ता है। लोगों के अनुसार, संकरी गलियों में एक साथ कई वाहन चार्ज होने से शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। बरसात में खुले और कटे-फटे तार करंट का भी बड़ा जोखिम पैदा करते हैं। ऐसे इलाकों में आग लगने पर दमकल की गाड़ियों का पहुंचना भी आसान नहीं होता।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ ही अवैध ई-चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में सोनिया विहार में चार्जिंग के दौरान बस में लगी आग की घटना ने इस खतरे को फिर सामने ला दिया है। इसके बावजूद कई इलाकों में बिना किसी सुरक्षा मानक के खुलेआम चार्जिंग प्वाइंट चल रहे हैं। दिल्ली की कई अनधिकृत कॉलोनियों और घनी आबादी वाले इलाकों में घरेलू बिजली कनेक्शन या अवैध तारों के जरिए ई-रिक्शे चार्ज किए जा रहे हैं।
माता सुंदरी रोड, सदर बाजार, कल्याणवास, चित्रा विहार, त्रिलोकपुरी, बदरपुर, तुगलकाबाद एक्सटेंशन, गोविंदपुरी, संगम विहार, देवली, खानपुर, शाहीन बाग, सुल्तानपुरी और मंगोलपुरी समेत कई इलाकों में यह स्थिति आम है। ई-रिक्शा चालकों के अनुसार, उनके पास घर पर चार्जिंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में वह रोज 100 से 150 रुपये देकर निजी चार्जिंग प्वाइंट पर वाहन चार्ज कराते हैं।
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मजबूरी का फायदा उठाकर कई लोग बिना अनुमति यह कारोबार चला रहे हैं। ई-रिक्शा चालक विशाल ने बताया कि हमारे पास घर पर चार्जिंग की सुविधा नहीं है। रोज 100 से 150 रुपये देकर वाहन चार्ज कराना पड़ता है। यही हमारी मजबूरी है। चालक मोहम्मद इरफान ने बताया कि सरकारी चार्जिंग स्टेशन कम हैं, इसलिए निजी चार्जिंग प्वाइंट का सहारा लेना पड़ता है। लोगों के अनुसार, संकरी गलियों में एक साथ कई वाहन चार्ज होने से शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। बरसात में खुले और कटे-फटे तार करंट का भी बड़ा जोखिम पैदा करते हैं। ऐसे इलाकों में आग लगने पर दमकल की गाड़ियों का पहुंचना भी आसान नहीं होता।
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